...तो मेवात में दस किलोमीटर दायरे में सब-कुछ हो जाता खाक

इस दुर्घटना में टैंकर का इंजन अलग हो गया और गैस का टैंक अलग. टैंकर में 17500 टन एलपीजी गैस भरी हुई थी. यदि यह फट जाता और आग लग जाती तो मेवात में दस किलोमीटर के दायरे में सब-कुछ खाक हो जाता.

Kasim Khan
Updated: May 16, 2018, 1:48 PM IST
...तो मेवात में दस किलोमीटर दायरे में सब-कुछ हो जाता खाक
सड़क पर पलटने के बाद दो टुकड़ों में बंटा गैस टैंकर.
Kasim Khan
Updated: May 16, 2018, 1:48 PM IST
हरियाणा के मेवात जिले में नूंह-तावड़ू मार्ग पर अरावली पर्वत में ब्रेक फेल होने से पलटा एलपीजी का टैंकर अगर फट जाता तो 10 किलोमीटर की दूरी तक इंसान तो क्या, कोई भी जीव जिंदा नहीं बचता. गनीमत रही कि टैंकर अरावली के ऊंचे हिस्से में नहीं पलटा, वर्ना लुढ़ककर जमीन पर आते-आते मजबूत टैंकर पत्थरों से टकराकर फट सकता था.

ये दावा टैंकर के चालक रमेश सिंह का है. रमेश सिंह घटना के समय अकेला था और उसे मामूली चोट भी लगी, लेकिन नूंह सीएचसी से उपचार के बाद उसे छुट्टी दे गई. पुलिस और दमकल विभाग टैंकर पलटने की सूचना मिलने के बाद से लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार टैंकर (एमएस-46/एच-6883) पंजाब के भठिंडा से जबलपुर के लिए रवाना हुआ था. रास्ते में जब यह टैंकर नूंह-तावड़ू मार्ग पर अरावली पहाड़ियों और खतरनाक मोड़ से सोंख गांव के समीप ढलान पर आया तो उसके ब्रेक फेल हो गए. चालक टैंकर पर अपना नियंत्रण खो बैठा और वह सड़क पर पलट गया. इस दुर्घटना में टैंकर का इंजन अलग हो गया और गैस का टैंक अलग.

घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को लगी तो टैंक में खतरनाक गैस होने की वजह से गाड़ी की लगातार निगरानी होने लगी. अभी भी टैंकर निगरानी में है, लेकिन किसी तरह का कोई खतरा नहीं बताया जा रहा है. दमकल की दो गाड़ियां मौके पर हालात से निपटने के लिए लगी हुई हैं. टैंकर में 17500 टन एलपीजी बताई जा रही है.

इस क्षेत्र में यह कोई पहला हादसा नहीं है. इससे पहले भी प्लास्टिक के दानों से भरे ट्रक के अरावली में पलटने से उसमें आग लग गई थी. सोचने वाली बात है कि इतनी खतरनाक गैस ले जाने वाली गाड़ी में सुरक्षा उपकरण तो दूर परिचालक तक नहीं था.
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