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तपती गर्मी से सूखे सैंकड़ों तालाब, लोग प्रशासन से पूछ रहे- कैसे बुझेगी प्यास?

News18 Haryana
Updated: May 31, 2018, 3:45 PM IST
तपती गर्मी से सूखे सैंकड़ों तालाब, लोग प्रशासन से पूछ रहे- कैसे बुझेगी प्यास?
सखे तालाब

ग्रामीण पशुपालक अपने परिवार की प्यास तो पानी मोल लेकर बुझा रहा हैं. लेकिन पशुओं के लिए जोहड़ में पानी लाना किसान के बस की बात नहीं है.

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सूरज आग उगल रहा है, धरती तप रही है, नहरी पानी की कमी है. मॉनसून अभी करीब 15 दिन दूर है ऐसे में नूंह जिले के सवा चार सौ  गांवो के करीब 200 तालाब सूखे हुए है जिससे 50 हजार  पशुओं के सामने लातूर जैसे हालात पैदा हो गये है. पशुओं के पीने के पानी के संकट से पशुओं के साथ-साथ पशुपालक भी प्रभावित हो रहे है.

ग्रामीण पशुपालक अपने परिवार की प्यास तो पानी मोल लेकर बुझा रहा हैं. लेकिन पशुओं के लिए जोहड़ में पानी लाना किसान के बस की बात नहीं है. तालाबों में पानी की समस्या को लेकर नूंह उपायुक्त अशोक शर्मा अधिकारियों की  बैठकें कर चुके है लेकिन यहां के अधिकारी तालाब भरने के आदेशों को भी हवा में उड़ा रहे हैं. जिले के लोगों ने जल्द से जल्द जिले के सूखे तालाबों को भरने की गुहार लगाई है.

ग्रामीणों के मुताबिक सबसे ज्यादा मवेशियों को तालाब सूखने पर परेशानी होती है. न तो पीने का पानी सही तरीके से मिल रहा है और न ही पशुओं को नहलाने का ऐसे में पशुओं के दूध देने की मात्रा में भी कमी अाना मुख्य वजह है.

आज मेवात में जल स्तर नीचे घटता जा रहा है.  क्षेत्र में सवा चार सौ गांव के सैंकड़ों तालब सूखे पड़े हुए हैं. आज के समय में पशुओं के पीने का पानी की कमी  है. बिजली के कटों की वजह से चेंबर का पानी भी नहीं पहुंच पाता जिसकी वजह से पशु और आमजन  को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

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First published: May 31, 2018, 3:45 PM IST
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