नई बीमा योजना: सिर्फ 2.5 प्रतिशत प्रीमियम देकर 14 सब्जियों के नुकसान पर मिलेगा 40,000 रुपये का मुआवजा

अब फलों, सब्जियों की फसल का भी होगा बीमा  (फाइल फोटो)
अब फलों, सब्जियों की फसल का भी होगा बीमा (फाइल फोटो)

New Fasal Bima Yojana: अब टमाटर, प्याज, आलू, गोभी, मटर, गाजर, भिंडी, लौकी, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च और आम, अमरूद भी होगा बीमा कवर में शामिल

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 6:53 PM IST
  • Share this:
चंडीगढ़. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PM Fasal Bima Yojana) की तर्ज पर हरियाणा सरकार ने अपने स्तर पर ट्रस्ट मॉडल आधार पर सब्जी एवं बागवानी फसलों को भी एक नई बीमा योजना (Crop Insurance) में कवर करने का निर्णय लिया है. इसके तहत किसानों को 2.5 प्रतिशत का प्रीमियम देना होगा और उन्हें प्रति एकड़ 40,000 रुपये का बीमा कवर मिलेगा. जिन 14 सब्जियों को इस बीमा कवर में शामिल जाएगा उनमें टमाटर, प्याज, आलू, बंद गोभी, मटर, गाजर, भिंडी, लौकी, करेला, बैंगन, हरी मिर्च, शिमला मिर्च, फूल गोभी तथा मूली शामिल हैं. किन्नू, अमरूद, आम, बेर, हल्दी एवं लहसुन को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा.

हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जेपी दलाल ने इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि किसान एवं किसानी को जोखिम फ्री बनाने के लिए प्राकृतिक आपदा के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों से भी प्रति एकड़ 2000 रुपये अधिक मुआवजा दिया जा रहा है.

New crop insurance scheme farmars will get Rs 40000 compensation on loss of vegetables by natural disaster-fasal bima-yojana-dlop
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर.(फाइल फोटो)




इसे भी पढ़ें: कृषि कानून का असर: दूसरे राज्यों से धान की खरीद पर हरियाणा में बड़ा फैसला
वर्ष 2004-05 में प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) से फसलों के नुकसान की भरपाई का मुआवजा 3000 रुपये प्रति एकड़ था जो कांग्रेस सरकार जाते-जाते 6000 रुपये हुआ था. वो भी महज फाइलों में. साल 2014 में बीजेपी (BJP) ने इसे लागू किया था. इतना ही नहीं बाद में इसे 12,000 रुपये प्रति एकड़ किया गया. जबकि स्वामीनाथन आयोग ने 10,000 रुपये प्रति एकड़ देने की ही की बात कही थी.

पिछले 6 वर्षों में प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के नुकसान की भरपाई के लिए 2764 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा वितरित किया गया है, जो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के 2943 करोड़ रुपये के क्लेम से अलग है.

इसे भी पढ़ें: यूं ही नहीं खेती में आगे है हरियाणा, यहां का कल्चर है एग्रीकल्चर

बता दें कि हरियाणा सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर पशु किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम भी शुरू की है. इसके तहत पशुपालक 3 लाख रुपये तक का लोन सिर्फ 4 फीसदी ब्याजदर पर ले सकते हैं. इस योजना में अब तक 4 लाख आदेवन हुए हैं जबकि 60 हजार से अधिक पशुपालकों को कार्ड दे दिया गया है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज