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ऑफिस ऑफ प्रॉफिट: बीजेपी के 4 MLAs की सदस्यता रद्द करने की मांग

शुक्रवार दोपहर बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.
शुक्रवार दोपहर बीजेपी ने विधानसभा चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है.

ये चारों विधायक इससे पहले मुख्य संसदीय सचिव रह चुके हैं. 5 जुलाई 2017 को हाइकोर्ट के आदेश के बाद इन चारों को संसदीय सचिव का पद छोड़ना पड़ा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 22, 2018, 10:17 PM IST
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दिल्ली में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद अब हरियाणा के उऩ चार विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग उठने लगी है जो मुख्य संसदीय सचिव के पद पर रह चुके हैं. इसके लिए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है.

याचिका में मांग की गई है कि चारों विधायकों की सदस्यता रदद् की जाए. दलील ये दी गई है कि बीजेपी के विधायक कमल गुप्ता, बख्शीश विर्क, सीमा त्रिखा और श्याम सिंह राणा भी लाभ का पद हासिल कर चुके हैं. लिहाजा दिल्ली की तर्ज पर यहां भी वही फैसला हो.

उधर विधायकों को लाभ का पद देने के मामले पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की स्थिति दिल्ली से अलग है क्योंकि दिल्ली में ऐसे पदों के लिए कोई कानून नहीं है जबकि हरियाणा में इसके लिए कानून है.



बता दें कि कि हरियाणा सरकार ने मुख्य संसदीय सचिव के तौर पर श्याम सिंह राणा, बख्शीश सिंह विर्क, सीमा त्रिखा और डॉ. कमल गुप्ता को नियुक्त किया था जिसके खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका दायर करते हुए इनकी नियुक्ति रद्द करने की मांग की गई थी.
इस मामले में हरियाणा सरकार की सभी दलीलों के खारिज करते हुए श्याम सिंह राणा, बख्शीश सिंह विर्क, सीमा त्रिखा और डॉ. कमल गुप्ता को मुख्य संसदीय सचिव के पद पर की गई नियुक्ति के रद्द करने के आदेश दिए गये थे जिसके बाद चारों मुख्य संसदीय सचिवों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था.
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