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ऑपरेशन के डेढ़ महीने बाद भी युवक को नहीं आया होश, मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा

ऑपरेशन के डेढ़ महीने बाद भी युवक को नहीं आया होश, मौत के बाद परिजनों ने किया हंगामा

नवीन को होश न आने पर वह उसे तीन जुलाई को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल लेकर गए. वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि नवीन का गलत तरीके से इलाज किया गया है.  (सांकेतिक तस्वीर)

नवीन को होश न आने पर वह उसे तीन जुलाई को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल लेकर गए. वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि नवीन का गलत तरीके से इलाज किया गया है. (सांकेतिक तस्वीर)

Haryana News: मामले में घोड़ी निवासी भगत सिंह ने बताया कि वह बीती 30 जून को अपने भाई नवीन कुमार को हर्निया के इलाज के लिए किठवाड़ी चौक स्थित अग्रसेन अस्पताल लेकर आया था. अस्पताल में डॉक्टर सचिन मंगला ने उनसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा. डॉक्टर सचिन के कहने पर उन्होंने नवीन का अल्ट्रासाउंड करा दिया. डॉक्टर सचिन ने रिपोर्ट देकर बताया कि नवीन को पथरी की बीमारी भी है.

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हाइलाइट्स

नवीन को होश न आने पर वह उसे तीन जुलाई को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल लेकर गए.
डॉक्टर तेन्दर ने नवीन को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया और डॉक्टर सचिन व जतिन पूनिया ने नवीन का ऑपरेशन किया.
पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया है.

दिनेश कुमार सहरावत

पलवल. पलवल शहर के एक निजी अस्पताल में पथरी व हर्निया के ऑपरेशन के दौरान लापरवाही बरतने के कारण 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई. स्वजनों का आरोप है कि अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के कारण युवक को ऑपरेशन के बाद से ही होश नहीं आया और करीब डेढ़ महीने बाद उसने दम तोड़ दिया. गुस्साए स्वजनों ने बुधवार सुबह अस्पताल के गेट पर शव को रखकर हंगामा किया और कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-19 भी जाम कर दिया. इस दौरान डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार, डीएसपी रतनदीप बाली समेत भारी पुलिसबल मौके पर मौजूद रहा.

मामले में घोड़ी निवासी भगत सिंह ने बताया कि वह बीती 30 जून को अपने भाई नवीन कुमार को हर्निया के इलाज के लिए किठवाड़ी चौक स्थित अग्रसेन अस्पताल लेकर आया था. अस्पताल में डॉक्टर सचिन मंगला ने उनसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा. डॉक्टर सचिन के कहने पर उन्होंने नवीन का अल्ट्रासाउंड करा दिया. डॉक्टर सचिन ने रिपोर्ट देकर बताया कि नवीन को पथरी की बीमारी भी है. इसका भी ऑपरेशन करना पड़ेगा. डॉक्टर सचिन और डॉक्टर जतिन ने बताया कि पथरी का एक मामूली ऑपरेशन होगा, इसमें खतरे की कोई बात नहीं है.

नवीन को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया
इसके बाद डॉक्टर तेन्दर ने नवीन को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया और डॉक्टर सचिन व जतिन पूनिया ने नवीन का ऑपरेशन किया. मगर कई घंटे बाद भी नवीन को होश नहीं आया. इसके बाद डॉक्टरों ने कहा कि थोड़ी देर में नवीन को होश आ जाएगा, मगर तीन जून तक भी नवीन को होश नहीं आया. इसके बाद उन्होंने बाहर के एक निजी अस्पताल से एक डॉक्टर को नवीन को देखने के लिए बुलाया. उक्त डॉक्टर ने उन्हें बताया कि नवीन की हालत बहुत ही खराब है. इसे किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ेगा. इसके बाद भी डॉक्टर सचिन, डॉक्टर जतिन पूनिया, डॉक्टर तेन्दर, डॉक्टर प्रभात आर्य ने कहा कि मरीज ठीक है और उसे जल्दी होश आ जाएगा.

शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया है
नवीन को होश न आने पर वह उसे तीन जुलाई को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल लेकर गए. वहां पर डॉक्टरों ने बताया कि नवीन का गलत तरीके से इलाज किया गया है. इसके बाद उन्होंने बीती 20 जुलाई को नवीन को फरीदाबाद के ईएसआई अस्पताल में दाखिल कराया. बीती 16 अगस्त को नवीन की मौत हो गई. जिनके बाद गुस्साए परिजनों ने अस्पताल के गेट पर धरना शुरू कर दिया और डॉक्टरों की गिरफ्तारी की मांग की. कई घंटे के बाद अस्पताल के डॉक्टरों और स्वजनों के बीच सहमति बन पाई. इसके बाद शव को उठाया गया. पुलिस ने 174 की कार्रवाई करते हुए शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों के हवाले कर दिया है.

Tags: Crime News, Haryana news, Haryana police, Palwal news

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