Palwal News: कोरोना की रफ्तार होने लगी कम, स्वास्थ्य विभाग ने ली राहत की सांस

पलवल में घटने लगे कोरोना के केस. (सांकेतिक फोटो)

पलवल में घटने लगे कोरोना के केस. (सांकेतिक फोटो)

Palwal News: स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह कम से कम अपने घरो से बाहर निकले.

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पलवल. जिले में कोरोना की रफ्तार धीरे-धीरे नीचे की तरफ जा रही है. जहां पहले औसतन करीब 8 से 10 मरीजों की मौत (Death) रोजाना हो रही थी. वहीं अब यह आंकड़ा 2 पर पहुंच गया है, जिसके बाद कहीं ना कहीं स्वास्थ्य विभाग (Health Department) व नगर परिषद के कर्मचारियों ने थोड़ी राहत की सांस ली है.

कोरोना महामारी के कोहराम से जहां बड़े-बड़े शहरों में भारी संख्या में लोगो ने अपनी जान गंवाई. वहीं पलवल जैसे छोटे शहर में भी कोरोना का कोहराम देखने को मिला. एक वक्त ऐसा आया था जब पलवल में कोरोना से रोजाना करीब 8  से 10 मौतें हो रही थी. उस समय स्वास्थ्य विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि किस तरह से मरीजों को सुविधा प्रदान की जाए और कोरोनावायरस के बढ़ते मामलों को रोका जाए. जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सैंपलिंग की प्रक्रिया में भी तेजी लाई गई.

शहर में आज कोरोना की रफ्तार धीमी पड़ती दिखाई दे रही है. जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग व नगर परिषद के कर्मचारियों की तरफ से थोड़ी राहत की सांस ली गई है. पलवल के नागरिक अस्पताल में बने आइसोलेशन वार्ड में तैनात डॉक्टरों व नर्सिंग स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर दिन-रात कोरोना मरीजों के इलाज व उनकी देखरेख में लगा हुआ है. जिससे कि कोरोना के चलते किसी मरीज को अपनी जान ना गंवानी पड़ी और स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी लगातार लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह कम से कम अपने घरो से बाहर निकले. जरूरत के समय घरो से बाहर निकलते समय मास्क का प्रयोग अवश्य करे और सोशल डिस्टेंसिंग का विशेष ध्यान रखें, भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचे और बार-बार अपने हाथो को साबुन से धोते रहे। ताकि इस कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सके.

अब रोजाना एक से दो मरीजों की कोरोना से हो रही मौत
बता दें कि कोरोना से मरने वाले लोगों के अंतिम संस्कार के लिए जिला प्रशासन की तरफ से शहर से बाहर पलवल-नूंह मार्ग पर कोविड़ शमशान घाट बनाया गया है. शवों का अंतिम संस्कार कराने के लिए नगर परिषद की तरफ से नियुक्त किए गए कर्मचारी सत्य नारायण ने बताया कि एक सप्ताह पहले प्रतिदिन यहां पर करीब आठ-दस शव ऐसे आते है, जिनकी मौत कोरोना की वजह से हुई थी. लेकिन अब रोजाना यहां एक या दो ही ऐसे शव आ रहे हैं जिनकी कोरोना से मौत हो रही है.

राहत की सांस ली

उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार के लिए पार्यप्त मात्रा में सामग्री नगर परिषद की तरफ से उपलब्ध है. फिर भी कुछ परिजन संस्कार की सामग्री अपने साथ ला रहे हैं. उन्होंने कहा पहले कई-कई शव एक साथ आ जाते हैं. जिसकी वजह से शमशान घाट में जगह भी नहीं बचती थी और टीन शैड से बाहर शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ता था. लेकिन पिछले एक सप्ताह से उन्होंने थोड़ी राहत की साँस ली है.

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