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किसान आंदोलन : पलवल के किसान कल करेंगे केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे जाम

किसान आंदोलन : पलवल के किसान कल करेंगे केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे जाम

पलवल में नए कृषि कानून के खिलाफ 100वें दिन भी धरना जारी रहा.

पलवल में नए कृषि कानून के खिलाफ 100वें दिन भी धरना जारी रहा.

पलवल के नेशनल हाइवे -19 पर धरने पर बैठे किसान शनिवार को केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे सुबह 11 से 4 बजे तक जाम करेंगे. संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यह जाम किया जाएगा.

पलवल. पलवल (Palwal) में केंद्र सरकार (Central Government) के नए कृषि कानूनों (New Agricultural Law) के खिलाफ 100वें दिन भी किसान आंदोलन (Farmers agitation) जारी रहा. इस मौके पर धरनास्थल पर मौजूद किसान नेताओं ने कहा कि आंदोलन लगातार जारी रहेगा. जब तक नए कृषि कानून वापस नहीं होते और एमएसपी (MSP) पर कानून नहीं बनता, किसान घर वापसी नहीं करेंगे.

धरनास्थल पर तैयार होंगी झोपड़ियां

उन्होंने कहा कि सर्दी का मौसम जा चुका है अब किसानों ने गर्मियों की तैयारी कर ली है. टेंटों में पंखे लगा लिए हैं और आने वाले दिनों में धरनास्थल पर झोपड़ियां डाली जाएंगी. इन झोपड़ियों में कूलर की भी व्यवस्था की जाएगी. किसान नेता मास्टर महेन्द्र सिंह चौहान और राजकुमार ओलिहान ने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर यहां का किसान हर आदेश की पालना करता है.

विरोध-प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार

उन्होंने बताया कि कल यानी 6 मार्च को केएमपी-केजीपी एक्सप्रेस-वे जाम किया जाएगा. किसान सड़क पर टोल बैरियर पर बैठकर जनसभा करेंगे और विरोध-प्रदर्शन करेंगे और वहीं चोपाई व रागनियां आयोजित की जाएंगी. विरोध-प्रदर्शन की पूरी रूपरेखा तैयार कर ली गई है. गांवों से किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में धरनास्थल पर आएंगे और एक्सप्रेस-वे को 11 से 4 बजे तक जाम कर दिया जाएगा.

8 मार्च को मनाएंगे महिला दिवस

7 मार्च को कर्नाटक से एमएसपी के लिए शुरू होने वाली यात्रा में भी यहां के किसान समय-समय पर शामिल होंगे. पलवल पहुंचने पर यात्रा का स्वागत भी किया जाएगा. 8 मार्च को धरना स्थल पर किसान महिला दिवस मनाएंगे. किसान महिलाओं का सम्मान किया जाएगा. किसान नेताओं ने बताया कि आंदोलन अपने चरम पर है. किसान नेता महेंद्र चौहान ने कहा कि अपने हकों की लड़ाई के लिए किसान तीन माह से सड़कों पर बैठे हैं, उसके बावजूद सरकार अड़ी हुई है. सरकार को किसानों की पीड़ा नजर नहीं आ रही है.

आंदोलन तेज करने के लिए जारी है जागरूकता अभियान

उन्होंने बताया कि आंदोलन को तेज करने के लिए गांवों में जागरूकता अभियान जारी है. किसान संघर्ष समिति के पदाधिकारी रोजाना सुबह 10 से 1 बजे तक गांवों की चौपाल व सामूहिक जगहों पर सभाएं आयोजित कर लोगों को कृषि कानूनों के नुकसान बता रहे हैं.

Tags: Central government, Farmers Agitation, New Agricultural Law, Palwal, Samyukt Kisan Morcha

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