Lockdown in Haryana: पलवल में दिहाड़ी मजदूरों के सामने रोटी का संकट, 16 दिन से चावल खाकर कर रहे गुजारा

80 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा

80 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा

Lockdown in Haryana: पलवल में 80 मजदूर परिवारों को ना तो वैक्सीनेशन की कोई सुविधा मिली है. ना ही प्रशासन की तरफ से यहां पर कोई राहत सामग्री दी जा रही है.

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पलवल. कोरोना की महामारी में जहां सभी लोगों को काम धंधा को लेकर परेशानी उठानी पड़ रही है. वहीं मजदूरों के सामने यह संकट पहाड़ की तरह खड़ा हुआ है. पलवल के दशहरा मैदान में रहने वाले करीब 80 परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा है और इस बार ना तो उनकी मदद करने के लिए कुछ समाजसेवी (Social Workers) आगे आ रहा है ना ही प्रशासन (Administrationn). झोपड़ियों में रहने वाले यह सब परिवार रोजाना मजदूरी करके अपनी गुजर-बसर करते हैं. यूपी से निकलकर यह लोग दिल्ली और अब दिल्ली से निकलकर पलवल में पिछले कई सालों से झोपड़ियों में रह रहे है.

लॉकडाउन के चलते उनका काम धधा ठप्प हो चुका है और अब इनको मजदूरी भी नहीं मिल रही है. घर में रखा खाने का राशन लगभग खत्म हो चुका है और आंखें समाजसेवी और प्रशासन की तरफ उम्मीद की आस लगाए देख रही हैं. लेकिन इस बार ना तो यहां कोई समाजसवी आ रहा है. ना ही प्रशासन की तरफ से इनको कोई मदद की जा रही है.

जहां एक तरफ इनको खाने की समस्या को लेकर परेशानी है. तो दूसरी तरफ ना तो यहां पर किसी प्रकार का कोई कोरोना जांच के लिए कैंप लगाया गया है और ना ही इन लोगों को वैक्सीन मिल पाई है. लोगों ने बताया कि वह बेहद कम पढ़े लिखे हैं और उनके लिए वैक्सीन का रजिस्ट्रेशन कराना संभव नहीं है. कई लोगों ने बताया कि पिछले 16 दिनों से वह लोग चावल खा कर गुजारा कर रहे हैं. लेकिन प्रशासन की तरफ से उनको ना तो राशन मिला है ना ही वेक्सीन.

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