घुमाने के बहाने 10 साल के बच्चे को ले गया साथ, ट्रेन में छोड़कर हुआ फरार

जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य अल्पना मित्तल ने बताया कि पलवल जीआरपी पुलिस को रेलवे स्टेशन पर एक 10 वर्षीय बच्चा लावारिश हालत में घूमते हुए दिखाई दिया.

Dinesh Kumar | News18 Haryana
Updated: May 27, 2019, 12:27 PM IST
घुमाने के बहाने 10 साल के बच्चे को ले गया साथ, ट्रेन में छोड़कर हुआ फरार
अपने पिता के साथ लापता बच्चा
Dinesh Kumar | News18 Haryana
Updated: May 27, 2019, 12:27 PM IST
पलवल में जिला बाल कल्याण समिति ने दस दिन पूर्व घर से निकले एक 10 वर्षीय बच्चे को कड़े प्रयास के बाद सकुशल उसके परिवार से मिलवाया. बच्चे को सकुशल देख उसके पिता और भाई की आंखों से आंसू निकल आए. कागजी कार्रवाई के बाद समिति ने बच्चे को उसके पिता को सौंपा दिया.

जिला बाल कल्याण समिति की सदस्य अल्पना मित्तल ने बताया कि पलवल जीआरपी पुलिस को रेलवे स्टेशन पर एक 10 वर्षीय बच्चा लावारिश हालत में घूमते हुए दिखाई दिया. जिसकी सुचना जीआरपी पुलिस ने बाल कल्याण समिति को दी और बाल कल्याण समिति ने मौके पर पहुंचकर उक्त बच्चे से बातचीत की तो पता चला कि वह बिहार के गांव रात मझईया थाना पिपरासी का रहना वाला है. उसका नाम विनय शर्मा है.



उसके पिता ठाकुर शर्मा किसान है और गत 17 मई को गांव से ही एक शख्स उसे घुमाने के बहाने के घर से ले आया था. उक्त शख्स और वह गांव से ट्रेन में बैठे. ट्रेन में बैठते ही विनय को नींद आई और उक्त शख्स बच्चे के सोते हुए देख बीच में किसी स्टेशन पर उतर गया. जब बच्चे की आंख खुली तो उक्त शख्स ट्रेन में नहीं था.

जिसके बाद वह ट्रेन से उतरा और इधर उधर उक्त शख्स को ढूंढने लगा. बच्चे को लावारिस घूमता देख जीआरपी पुलिस ने बच्चे से पूछताछ की और बच्चे की सूचना बाल कल्याण समिति को दी. जिसके बाद बाल कल्याण समिति की चेयरप्रर्सन दर्शना भरद्वाज ने बिहार की बाल कल्याण समिति से संपर्क किया और बिहार के गांव रात मझईया के सरपंच का नंबर लेकर बच्चे के घर उसकी सूचना दी.

सुचना मिलते ही बच्चे के परिवार से उसके पिता ठाकुर शर्मा और सुधीर शर्मा कमेठी चौक स्थित बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंचे और कड़े प्रयास के बाद बाल कल्याण समिति ने एक बार फिर अपने परिवार से बिछड़े बच्चे को सकुशल परिवार से मिलवाया.

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