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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: जन्म से ही बीमार बच्चों का इलाज होगा मुफ्त

Dinesh Kumar | News18 Haryana
Updated: November 14, 2019, 3:08 PM IST
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम: जन्म से ही बीमार बच्चों का इलाज होगा मुफ्त
सिविल सर्जन के अनुसार इस योजना के तहत पिछले वर्ष 30 बच्चों के दिल का ऑपरेशन किया गया.

सिविल सर्जन ने बताया कि जिन बच्चों को दिल का इलाज करवाना है या किसी बच्चे का होठ कटा हुआ है तो उसका इलाज मुफ्त किया जाएगा.

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पलवल. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (National Child Health Programme) के अंतर्गत जन्म से ही विकलांग व अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों (Ill Children) का इलाज पलवल सिविल अस्पताल (Palwal Civil Hospital) में नि:शुल्क किया जाएगा. सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप शर्मा ने बताया कि बच्चों के उपचार पर होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार (Government of India) ने नेशनल हेल्थ कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाया है. इसके तहत जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों में किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो उसका पूरा उपचार सरकार द्वारा कराया जाएगा. सिविल सर्जन ने कहा कि अगर किसी भी बच्चे में कोई बीमारी हो तो उसे सिविल अस्पताल के जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र (DEIC) में भर्ती करवाया जा सकता है.

दिल की बीमारी का इलाज भी नि:शुल्क

सिविल सर्जन ने बताया कि जिन बच्चों को दिल का इलाज करवाना है या किसी बच्चे का होठ कटा हुआ है तो उसका इलाज मुफ्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि कई बार देखने में आया है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से माता पिता अपने बच्चे का इलाज नहीं करा पाते हैं. ऐसे में बच्चों के उपचार पर होने वाले खर्च को सरकार वहन करेगी. इस प्रोग्राम के तहत जन्म से लेकर 18 वर्ष तक के बच्चों का शारीरिक व मानसिक रूप से विकास करवाया जाएगा.

सिविल सर्जन ने कहा कि अगर किसी भी बच्चे में कोई बीमारी हो तो उसे सिविल अस्पताल के जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में भर्ती करवाया जा सकता है.


गूंगे बहरे बच्चों का भी हुआ इलाज

बता दें कि इस योजना के तहत पिछले वर्ष 30 बच्चों के दिल का ऑपरेशन कराया गया. साथ ही ऐसे 28 बच्चों, जिनके जन्म से ही होठ कटे हुए थे, का इलाज किया गया. इसी प्रकार 4 बच्चे जो जन्म से ही गूंगे बहरे थे उनका कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी कराया गया. इसके बीमारी के इलाज में 5 लाख रुपए खर्च आता है. सिविल सर्जन ने कहा कि जिन बच्चों में जन्म से ही कोई बीमारी है तो उनके अभिभावक अपने बच्चे का नि:शुल्क इलाज करा सकते हैं.

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First published: November 14, 2019, 3:08 PM IST
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