खाप पंचायत का सम्मान ना कर दुष्यंत BJP को दे रहे लाभ: रमेश दलाल

रमेश दलाल ने कहा कि दुष्यंत द्वारा खाप पंचायत का सम्मान ना करने पर ऐसा लगता है कि जैसे वह भाजपा को लाभ देना चाहता है और क्यों देना चाहता है, इसके बारे में वो समाज को अवश्य बताए.

Dinesh Kumar | News18 Haryana
Updated: September 13, 2019, 1:50 PM IST
खाप पंचायत का सम्मान ना कर दुष्यंत BJP को दे रहे लाभ: रमेश दलाल
खाप नेता
Dinesh Kumar | News18 Haryana
Updated: September 13, 2019, 1:50 PM IST
पलवल. हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव (Assembly election) को लेकर चौटाला परिवार (Chautala Family) और विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम में लगे हरियाणा स्वाभिमान आंदोलन के अध्यक्ष रमेश दलाल ने कहा कि वह पलवल (Palwal) में विपक्ष के गठबंधन की मुहिम में समर्थन व सहयोग मांगने के लिए पहुंचे है. पलवल में रमेश दलाल ने  52 खापों के प्रधानों से मुलाकात कर मुहिम में सहयोग करने का प्रस्ताव रखा.

सभी ने मुहीम की सराहना की तथा इस बात पर सहमति दर्ज कि आज के राजनीतिक हालातों को देखते हुए चौटाला परिवार को भी राजनीतिक रूप से एकजुट हो जाना चाहिए और उसके बाद पूरे विपक्ष को संगठित किया जाना चाहिए. सभी खाप प्रधानों व प्रतिनिधियों ने मुहिम में पूरा साथ देने का वादा किया है.

चौटाला परिवार हो एक

रमेश दलाल ने कहा कि खाप का काम समाज की बुराई को दूर करना है. उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार समाज में जहर पैदा करने का काम कर रही है. भाजपा ने समाज को जाट और गैर जाट के नाम पर बाट दिया. अब खापों की ज़िम्मेदारी है कि समाज में एकता भी लाए और जो प्रदूषण राजनीती में फ़ैल गया है, उस प्रदूषण को भी प्रदूषण मुक्त करे. इसलिए हमारी यह मुहीम चल रही है और हम चाहते है कि चौटाला परिवार एक हो.

भागने का काम न करें दुष्यंत

उन्होंने कहा कि उनका दुष्यंत चौटाला से आग्रह है कि वो इससे भागने का काम ना करे और अगर वो भागते हैं, तो वो चौधरी देवीलाल का नाम लेना छोड़ दें. क्योंकी चौधरी देवीलाल ने पहले हरियाणा में 1987 में पूरे विपक्ष को एकत्रित किया और फिर देश के विपक्ष को एकत्रित करके कांग्रेस की सरकार को हटाया. इतना ही नहीं चौधरी देवीलाल ने अपने सर का ताज प्रधानमंत्री जो उन्हें नियुक्त किया गया, उसे उतार कर वीपी सिंह के सिर पर रख दिया.

खाप पंचायत का सम्मान करें
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उन्होंने कहा कि देवीलाल कभी कुर्सी के लिए नहीं लड़े. उन्होंने पूरे जीवन किसानों, मजदूरों और गरीब तबके के लोगों के हक की लड़ाई लड़ी. उन्होंने कहा कि देवीलाल ने पूरे देश और हरियाणा में विपक्ष को एकत्रित कर महागठबंधन बनाया और आज चौटाला परिवार अपनी ही पार्टी को तोड़ बैठा. दलाल ने कहा कि या तो आज के बाद दुष्यंत चौटाला यह कहे कि आज के बाद वो चौधरी देवीलाल के पद चिन्हो पर नहीं चलेंगे या फिर वो खाप पंचायत का सम्मान करें.

विपक्ष का गठबंधन बने

उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला युवा और उनका भतीजा भी है. इसलिए वो पंचायत की तरफ से दुष्यंत को सलाह देते है कि आज हरियाणा की जनता चाहती है कि चौटाला परिवार एकजुट हो राजनैतिक रूप से और उसके बाद पुरे विपक्ष का गठबंधन बने. दलाल ने कहा कि भाजपा सरकार खापों के लिए, किसानों के लिए राक्षक है और इसने समाज को तोड़ने के काम किया है. इसलिए सभी चाहते है कि उन्हें इस पार्टी से मुक्ति मिले.

खाप पंचायत पर छोड़ा फैसला

उन्होंने कहा कि राजनीती ये नहीं है कि हम किसी का झंडा उठाकर चल दे, चाहे वो गलत रास्ते पर जाए या फिर ठीक रास्ते पर जाए. उन्होंने कहा खाप ने चौधरी देवीलाल, ओमप्रकाश चौटाला और भूपेंद्र सिंह हुड्डा का साथ दिया. लेकिन आज खाप और हरियाणा की 36 बिरादरी अपने आप को अपमानित महसूस कर रही है. उन्होंने कहा कि दुष्यंत चौटाला को जनभावनाओं की तरफ देखना चाहिए, जो वो नहीं देख रहे है. उन्होंने कहा कि अजय सिंह चौटाला, ओमप्रकाश चौटाला, अभय सिंह चौटाला और प्रकाश सिंह बादल भी सब कुछ खाप पंचायत पर छोड़ चुके हैं.

अपने पिता का सम्मान करें दुष्यंत

दलाल ने कहा कि जब अजय सिंह चौटाला ने बहुत समय पहले सब कुछ पंचायत के ऊपर छोड़ दिया है. तो उनके बेटे को भी अपने अपने पिता का सम्मान करना चाहिए. अजय सिंह चौटाला ने पंचायत से वादा किया कि आप इस मुहीम को आगे बढ़ाओ, लेकिन बेटा उससे विपरीत चल रहा है. उन्होंने कहा कि हम दुष्यंत चौटाला को हरियाणा का भविष्य बनाना चाहते है, लेकिन दुष्यंत उनकी एक सुनने को तैयार नहीं है.

भाजपा को लाभ देना चाहते हैं दुष्यंत

दलाल ने कहा कि चौटाला परिवार के गांव में हमेशा चौटाला परिवार की 75-80 प्रतिशत पोलिंग वोट आती थी. लेकिन परिवार में फूट के चलते अबकी बार लोकसभा चुनावो में उस गांव से भाजपा जीत कर निकली है. क्या दुष्यंत को ये दिखाई नहीं दे रहा. उन्होंने कहा कि दुष्यंत द्वारा खाप पंचायत का सम्मान ना करने पर ऐसा लगता है कि जैसे वह भाजपा को लाभ देना चाहता है और क्यों देना चाहता है, इसके बारे में वो समाज को अवश्य बताए. अगर ऐसा नहीं है तो दुष्यंत सब कुछ खाप पंचायत के भरोसे छोड़ दे और खाप पंचायत को जो भी निर्णय लेगी. वो निश्चित रूप से एक अच्छा निर्णय होगा.

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First published: September 13, 2019, 1:46 PM IST
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