हरियाणा: गुलाब के फूलों की खेती से महकी जिंदगी, किसान बोले- लागत कम, मुनाफा ज्यादा

पलवल में गुलाब के फूलों की खेती-Image credit/pexels-samer-daboul

पलवल में गुलाब के फूलों की खेती-Image credit/pexels-samer-daboul

Rose Cultivation: हरियाणा के पलवल जिले में में फूलों की खेती से किसानों की जिंदगी महक रही है. बाजार में गुलाब के फूलों की डिमांड हमेशा बनी रहने से इसकी खेती कर किसान मोटा मुनाफा कमा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 11:37 AM IST
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पलवल. हरियाणा के पलवल जिले के किसानों का रुझान गुलाब के फूलों की खेती की ओर लगातार बढ़ रहा है. गुलाब की खेती करने वाले किसान मानक चंद ने बताया कि एक एकड़ में गुलाब की खेती कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं. जिला बागवानी अधिकारी डा. अब्दुल रज्जाक ने बताया कि जिले में 70 हेक्टेयर भूमि में गुलाब की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

पलवल निवासी किसान मानक चंद ने बताया कि गुलाब की खेती मुनाफे की खेती है. उन्होंने एक एकड़ भूमि में गुलाब लगाया हुआ है. करीब चार महीने के बाद में गुलाब के पौधों पर फूल आना शुरू हो गया है. सुबह के समय में फूलों को तोड़कर बाजार ले जाते हैं. बाजार में गुलाब के फूलों की मांग लगातार बनी रहती है, जिसके चलते गुलाब का अच्छा रेट मिल जाता है.

परंपरागत खेती छोड़ अपनाई गुलाब की खेती

उन्होंने बताया कि गुलाब की खेती से अच्छा कमा रहे है और आस पास के किसानों को भी परम्परागत खेती को छोड़कर फूलों की खेती करने के लिए जागरुक कर रहे है. उन्होंने बताया कि आसपास के किसानों को गुलाब की खेती से अच्छी आमदनी होने पर करीब चार एकड़ में गुलाब की खेती करनी शुरु कर दी है.
दो तरह के गुलाब

पलवल जिला बागवानी अधिकारी डा. अब्दुल रज्जाक ने बताया कि जिले में फूलों की खेती करने के लिए किसानों को लगातार जागरुक किया जा रहा है. परिणामस्वरूप किसानों का रूझान भी देखने को मिल रहा है. उन्होंने बताया कि गुलाब दो प्रकार का होता है, जिसमें अंग्रेजी गुलाब व देशी गुलाब शामिल है. अग्रेंजी गुलाब छड़ी समेत बिकता है, जबकि देशी गुलाब के फूलों में खुशबू अधिक होती है और गुलाब के फूलों से अर्क भी निकाला जाता है.

बागवानी से दोगुनी आय करने का इरादा



जिले के किसानों को गुलाब की खेती पर अनुदान दिया जा रहा है. वित्त वर्ष 2021 व 2022 के अंर्तगत जिले में 70 हेक्टेयर भूमि में गुलाब की खेती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. जिसके लिए अनुदान राशी में बागवानी विभाग द्वारा बढोत्तरी की जाएगी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का विजन है कि किसानों की आय को दोगुना किया जाए, इसके लिए किसानों को परम्परागत खेती को छोडक़र बागवानी की खेती की तरफ अग्रसर होना चाहिए.
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