हरियाणा: ढाई महीने की बच्ची को कपड़े में लपेट अनाथ आश्रम के बाहर छोड़ा, मुंह के पास रखी थी दूध की बोतल

अनाथ आश्रम के बाहर बच्ची को छोड़ा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
अनाथ आश्रम के बाहर बच्ची को छोड़ा. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अनाथ आश्रम के आसपास खेलने वाले बच्‍चों की नजर बच्‍ची (Girl Child) पर पड़ी. इसके बाद पुलिस को फोन कर इसकी जानकारी दी गई थी.

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पलवल. जिले में एक परिवार छोटी दिवाली वाले दिन एक ढाई महीने की बच्ची को अनाथ आश्रम के दरवाजे पर छोड़ कर चला गया. मन को विचलित कर देने वाली खबर पलवल (Palwal) के बघौला गांव स्थित अनाथ आश्रम की है, जहां पर शुक्रवार को आश्रम के बाहर खेलने वाले बच्चों ने देखा कि एक अबोध बच्ची कम्बल और अन्‍य कपड़ों में लिपटा कर लिटाई हुआ है. बच्ची के मुंह के पास दूध की बोतल भी रखी हुई थी. आश्रम संचालक द्वारा पुलिस को फोन किये जाने पर बच्ची को जिला अस्पताल (Hospital) में लाया गया. चाइल्ड वेलफेयर सोसायटी द्वारा बच्‍ची की देखभाल की जा रही है.

बाल कल्याण समिति की सदस्य अल्पना मित्तल का कहना है की बच्ची स्वस्थ है. उन्‍होंने डॉक्‍टरों के हवाले से बच्‍ची की उम्र ढाई से तीन माह बताई है. अल्‍पना का कहना है कि यदि समय से बच्ची पर किसी की नजर नहीं पड़ती तो उसकी मौत हो सकती थी. बच्ची के पास पहचान सम्बन्धि कोई पर्ची भी नहीं पाई गई है. मालूम पड़ता है कोई महिला अपने पारिवारिक कलह के चलते बच्ची को इस अवस्था में अनाथाश्रम के पास छोड़कर गई है.

बच्ची को ढूंढने के लिए पुलिस की ली जा रही मदद
समिति की सदस्‍य अल्‍पना ने बताया की प्रदेश सरकार ने हर जिले में सीसीआई बनाई हुई है, जिनके जरिये कोई भी नागरिक स्वेच्छा से अपने बच्चे को कानूनी प्रक्रिया के द्वारा सरकार को सौंप सकता है. जिला बाल कल्याण अधिकारी सीता इन्दीवर ने बताया की बघौला गांव के आसपास में काम करने वाली आंगनबाड़ी वर्करों के माध्यम से बच्ची के माता पिता की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है. इसके लिए पुलिस विभाग की भी मदद ली जा रही है.
बच्ची को फरीदाबाद स्थित चाइल्ड केयर यूनिट भेजा जाएगा


उन्होंने बताया की पलवल छोटे बच्चों को रखने के लिए कोई स्थान नहीं है इसीलिए इस बच्ची की फरीदाबाद स्थित चाइल्ड केयर यूनिट भेजा आ रहा है. इसके लिए जो भी कागजी और कानूनी प्रक्रिया है,  वह पूरी कर ली गई है. उन्होंने बताया की प्रदेश सरकारी की बच्चो की चाहत रखने वाला कोई भी इच्छुक व्यक्ति बच्चों को गोद लेने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाईट पर आवेदन कर बच्चे को प्राप्त कर सकता है.
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