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Yuvraj Singh के लिए गिरफ्तारी, अंतरिम जमानत के बाद भी कम नहीं हुई हैं मुश्किलें, अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा मामला

Yuvraj Singh के लिए गिरफ्तारी, अंतरिम जमानत के बाद भी कम नहीं हुई हैं मुश्किलें, अब सुप्रीम कोर्ट जाएगा मामला

युवराज पर आरोप है कि उन्होंने बीते साल रोहित शर्मा से लाइव चैट के दौरान युजवेंद्र चहल पर अनुसूचित जाति के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी.

युवराज पर आरोप है कि उन्होंने बीते साल रोहित शर्मा से लाइव चैट के दौरान युजवेंद्र चहल पर अनुसूचित जाति के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी.

शिकायतकर्ता वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने पुलिस की कार्रवाई पर अंसुष्टि जताते हुए कहा कि पुलिस ने नियमों के अनुसार इस एक्‍शन से उन्‍हें अवगत नहीं कराया. साथ ही उन्‍होंने पुलिस पर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को वीआईपी ट्रिटमेंट दिए जाने का आरोप भी लगाया. साथ ही जल्‍द सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत के आदेश को चुनौती दी जाएगी.

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नई दिल्‍ली : अनुसूचित जाति के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर दर्ज मामले में हरियाणा की हांसी पुलिस (Hansi Police) द्वारा शनिवार को क्रिकेटर युवराज सिंह (Cricketer Yuvraj Singh) को औपचारिक गिरफ्तार करने के तुरंत बाद अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर युवराज सिंह कल हांसी पुलिस के समक्ष पेश हुए थे, जहां दो से तीन घंटे की पूछताछ एवं औपचारिक गिरफ्तारी के बाद उन्‍हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया. शिकायतकर्ता वकील एवं सामाजिक कार्यकर्ता रजत कलसन ने पुलिस की कार्रवाई पर अंसुष्टि जताते हुए कहा कि पुलिस ने नियमों के अनुसार इस एक्‍शन से उन्‍हें अवगत नहीं कराया. साथ ही उन्‍होंने पुलिस पर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को वीआईपी ट्रिटमेंट दिए जाने का आरोप भी लगाया. साथ ही जल्‍द सुप्रीम कोर्ट में अंतरिम जमानत के आदेश को चुनौती दी जाएगी.

रजत कलसन ने न्‍यूज़18 हिंदी (डिजिटल) को बताया कि इस मामले में युवराज सिंह की तरफ से अपने बचाव में दी गई दलीलों से असंतुष्‍ट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने क्रिकेट युवराज सिंह को पुलिस के समक्ष सरेंडर करने और जांच में सहयोग देने के आदेश दिए थे. इसके बाद बीते शनिवार को क्रिकेटर युवराज सिंह हांसी पुलिस के समक्ष पेश हुए थे, जहां से हांसी पुलिस उन्‍हें हिसार के गजेडिट ऑफि‍सर्स जियो मैस ले गई. यहां युवराज से करीब दो से तीन घंटे से पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्‍हें औपचारिक रूप से अरेस्‍ट कर लिया गया और अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया.

रजत कलसन ने आरोप लगाया कि इस पूरी कार्रवाई के सख्‍त होने की बजाय पुलिस ने युवराज को वीआईपी ट्रिटमेंट दिया. यहां तक की पुलिसवालों ने उनके साथ फोटो तक खिंचवाए. उन्‍होंने कहा कि नियमानुसार पुलिस ने उन्‍हें कार्रवाई से अवगत तक नहीं कराया.

उन्‍होंने बताया कि अब वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख करेंगे. उनकी ओर से बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दायर की जाएगी, क्‍योंकि एससी/एसटी एक्‍ट में अंतरिम जमानत का प्रावधान नहीं है. यह आदेश गलत है और इससे समाज में एक्‍ट को लेकर गलत संदेश जाएगा. उन्‍होंने कहा कि हम इस उनकी अंतरिम जमानत को कैंसिल कवारकर जेल भिजवाएंगे.

बता दें कि युवराज पर आरोप है कि उन्होंने बीते साल रोहित शर्मा से लाइव चैट के दौरान युजवेंद्र चहल पर अनुसूचित जाति के प्रति अपमानजनक टिप्पणी की थी. इसके खिलाफ दलित अधिकार कार्यकर्ता रजत कलसन ने हांसी थाना शहर में SC-ST एक्ट व आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था. इस मुकदमे को खारिज कराने के लिए युवराज सिंह ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. जिस पर हाईकोर्ट ने युवराज के खिलाफ पुलिस की उत्पीड़न कार्रवाई पर रोक लगा दी थी. अभी मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई जारी है.

Tags: Cricketer yuvraj singh, Haryana news, Yuvraj singh

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