पंचकूला में ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया, मचा हड़कंप

पंचकूला की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने ब्लैक फंगस के मामले की पुष्टि की.

पंचकूला सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने ब्लैक फंगस के मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि कोरोना महामारी में कोविड-19 के मरीज को स्टेरॉयड मेडिसन इस्तमाल हो रही है और उसके चलते कहीं न कहीं ब्लैक फंगस बीमारी भी साथ-साथ होनी शुरू हो गई है.

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    तारा ठाकुर.
    पंचकुला. पंचकूला में भी ब्लैक फंगस का पहला मामला सामने आया है. पंचकूला की सीएमओ डॉ. जसजीत कौर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि रविवार सुबह ही एक प्राइवेट अस्पताल से ब्लैक फंगस का एक मरीज नोटिस में आया है. उस मरीज को पीजीआई रेफर कर दिया गया है. सीएमओ पंचकूला ने कहा कि कोरोना महामारी में कोविड-19 के मरीज को स्टेरॉयड मेडिसन इस्तमाल हो रही हैं और उसके चलते कहीं न कहीं ब्लैक फंगस बीमारी भी साथ-साथ होनी शुरू हो गई है. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस कोविड 19-मरीजो को ही नहीं होती बल्कि कैंसर, एचआईवी, शुगर के मरीज या किसी अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीज को स्टेरॉयड दी जा रही है, उनको इस बीमारी के होने का खतरा होता है. उन्होंने बताया कि ब्लैक फंगस से प्रभावित व्यक्ति के चेहरे पर कालापन, टिश्यूज का डैमेज होना, खांसी, नजला, जुकाम, आंखों में प्रॉब्लम और शरीर के अन्य हिस्सों में इसके लक्षण देखे जाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी लोगों से अपील है कि बिना डॉक्टर की सलाह के स्टेरॉयड न लें.

    सिरसा में भी मिले ब्लैक फंगस के 7 केस
    सिरसा में भी सात मरीज ब्लैक फंगस के मरीज मिले हैं जिनका शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है. प्रदेश में ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग की सूची में डाले जाने के बाद अब ऐसे मरीज मिलने के बाद संबधित सीएमओ को देनी होगी. सिरसा के सीएमओ डॉ मनीष बांसल ने बताया कि सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए है कि ब्लैक फंगस लक्षण वाले मरीजों की सूचना सीएमओ कार्यालय में देनी होगी. सिरसा में 7 ब्लैक फंगस के केस मिले हैं. चार सिरसा और तीन फतेहाबाद के रहने वाले हैं. शहर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.