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रणजीत सिंह हत्‍याकांड: डेरामुखी गुरमीत राम रहीम समेत 5 लोग दोषी करार, 10 प्‍वाइंट्स में जानें क्‍या था पूरा मामला

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कई और मामले में सजा काट रहे हैं.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कई और मामले में सजा काट रहे हैं.

Ranjit Murder Case: 19 साल पुराने रणजीत सिंह हत्याकांड मामले में हरियाणा सीबीआई कोर्ट ने सुनारिया जेल में बंद डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Dera Sacha Sauda Chief Gurmeet Ram Rahim) समेत पांच आरोपियों को दोषी करार दिया है. वहीं, सीबीआई की स्‍पेशल कोर्ट 12 अक्टूबर को सभी दोषियों की सजा का ऐलान करेगी. जानें रणजीत सिंह हत्‍याकांड की टाइमलाइन...

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पंचकूला. हरियाणा के बहुचर्चित और 19 साल पुराने रणजीत सिंह हत्याकांड (Ranjit Singh Murder Case) में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम (Dera Sacha Sauda Chief Gurmeet Ram Rahim) को बड़ा झटका लगा है. इस मामले में पंचकूला स्थित हरियाणा स्‍पेशल सीबीआई कोर्ट ने गुरमीत राम रहीम, तत्कालीन डेरा प्रबंधक कृष्ण लाल, अवतार, जसबीर और सबदिल को दोषी करार दिया है. वहीं, रंजीत हत्‍याकांड में शामिल इन पांचों की सजा का ऐलान 12 अक्‍टूबर को किया जाएगा.

बता दें कि सीबीआई की स्‍पेशल कोर्ट में जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने करीब ढाई घंटे बहस के बाद आरोपियों को दोषी करार दिया है. वहीं, इससे पहले गुरमीत राम रहीम को साध्वियों से यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा हो चुकी है. इसके अलावा वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा है.

ऐसे दिया था हत्‍याकांड को अंजाम
10 जुलाई 2002 को डेरा सच्चा सौदा की प्रबंधन समिति के सदस्य रहे रणजीत सिंह की उस समय हत्या हुई थी, जब वह अपने घर से कुछ ही दूरी पर जीटी रोड के साथ लगते अपने खेतों में नौकरों को चाय पिलाकर वापस घर जा रहे थे. हत्यारों ने अपनी गाड़ी जीटी रोड पर खड़ी रखी और वे धीरे से खेत से आ रहे रणजीत सिंह के पास पहुंचे और काफी नजदीक से उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था. गोलियों मारने के बाद हत्यारे फरार हो गए थे. हत्यारों में पंजाब पुलिस का कमांडो सबदिल सिंह, अवतार सिंह, इंद्रसेन और कृष्णलाल आरोपी थे. यह भी मालूम हुआ था कि रणजीत सिंह की हत्या करने के बाद हत्यारों ने इस्तेमाल किए गए हथियार डेरे में जाकर जमा करवा दिए ‌थे. रणजीत सिंह डेरा की उच्च स्तरीय प्रबंधन समिति का सदस्य था. वह डेरामुखी के काफी करीब माना जाता था.

इतना ही नहीं जब भी डेरा प्रमुख जीटी रोड से निकलता था तो वह रणजीत सिंह के घर रुककर जाता था. पहले रणजीत सिंह का घर गांव के बीच में था, लेकिन बाद में उसने जीटी रोड के साथ ही कुछ गज की दूरी पर कोठी बनवाई ताकि डेरामुखी की गाड़ियां गांव की भीड़ में ना जाएं. इतना ही नहीं रणजीत सिंह ने डेरामुखी की सेवा में लाखों रुपये भी खर्च किए थे. यह भी चर्चा रही कि रणजीत सिंह ने डेरे के कई तरह के गलत काम अपनी आंखों से देख लिए और डेरामुखी को गालियां देते हुए और महाभ्रष्टाचारी बताते हुए भेद खोलने की धमकी दी थी. गौरतलब है कि रणजीत सिंह की बहन भी डेरे में साध्वियों के बीच में थी और उसने डेरा छोड़ दिया था.

रणजीत सिंह हत्‍याकांड की जानें 10 बातें

10 जुलाई 2002 को डेरा के मैनेजर रहे रणजीत सिंह की गोली मारकर हत्‍या कर दी गयी थी. वह हरियाणा के कुरुक्षेत्र के रहने वाले थे. रणजीत को डेरामुखी के काफी करीब माना जाता था. इस मामले में एफआईआर रणजीत के बेटे जगसीर ने दर्ज कराई थी.
डेरा प्रबंधन को शक था कि रणजीत सिंह ने साध्वी यौन शोषण की गुमनाम चिट्ठी अपनी बहन से ही लिखवाई थी.
जनवरी 2003 में रणजीत सिंह के पिता ने हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी. हाईकोर्ट ने उनके पिता के पक्ष में फैसला सुनाते हुए केस सीबीआई को सौंप दिया था.
पांच साल की कवायद के बाद 2007 में कोर्ट ने मामले में आरोप तय किए.
रणजीत सिंह हत्‍याकांड का मामला 14 साल तक तारीख दर तारीख चलता रहा है और 21 अगस्‍त 2021 को बचाव पक्ष की अंतिम बहस पूरी हुई थी.
26 अगस्‍त 2021 को कोर्ट ने मामले की फाइनल सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था.
8 अक्‍टूबर 2021 को रणजीत सिंह हत्या मामले में सीबीआई कोर्ट ने सुनारिया जेल में बंद राम रहीम के साथ कृष्ण लाल, सबदिल, अवतार और जसबीर को दोषी करार दिया गया है. वहीं, इस केस के एक आरोपी इंदरसैन की मौत हो चुकी है. रणजीत सिंह हत्याकांड में सजा का ऐलान 12 अक्‍टूबर को किया जाएगा.
यह मामला फिलहाल पंचकला स्थित हरियाणा की स्‍पेशल सीबीआई कोर्ट में चल रहा है.
रणजीत सिंह हत्याकांड में तीन गवाह महत्वपूर्ण थे. इनमें दो चश्मदीद गवाह सुखदेव सिंह और जोगिंद्र सिंह ने कहा था कि उन्‍होंने आरोपितों को रंजीत सिंह पर गोली चलाते हुए देखा था. वहीं, इस मामले का तीसरा गवाह गुरमीत का ड्राइवर खट्टा सिंह था, जिसके सामने रंजीत को मारने की साजिश रची गई थी. पहले उसने बोला था कि गुरमीत राम रहीम ने उसके सामने ही रंजीत को मारने के लिए बोला था, लेकिन कोर्ट में वह अपने बयान से मुकर गया.
डेरा सच्‍चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम का ड्राइवर खट्टा सिंह कुछ साल बाद फिर से कोर्ट में पेश हुआ और रणजीत सिंह के पक्ष में गवाही दी. उसकी गवाही के बाद ही कोर्ट ने मामले में सजा सुनाई है.

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