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पंचकुला में ईडी की विशेष अदालत में पेश हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा

News18 Haryana
Updated: October 30, 2019, 3:04 PM IST
पंचकुला में ईडी की विशेष अदालत में पेश हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मोतीलाल वोरा
कोर्ट में वकीलों के साथ पेशी के लिए जाते हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा

एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) प्लॉट आवंटन मामले में बुधवार को पंचकुला स्थित प्रवर्तन निदेशालय (enforcement directorate) की विशेष अदालत में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (former Chief Minister Bhupinder Singh Hooda) और मोतीलाल वोरा पेश हुए.

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पंचकुला. एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) प्लॉट आवंटन मामले में यहां प्रवर्तन निदेशालय( ED) की विशेष अदालत में बुधवार को कांग्रेस नेता व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (former Chief Minister Bhupinder Singh Hooda) और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मोती लाल वोरा ( Congress leader Motilal Vora) पेश हुए. AJL प्लॉट आवंटन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की पंचकुला स्थित विशेष अदालत ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, मोती लाल वोरा व नेशनल हेराल्ड अखबार के प्रकाशक को नोटिस जारी कर 30 अक्टूबर को अदालत में पेश होने के निर्देश दिए थे.  26 अगस्त को इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने हुड्डा एवं वोरा के खिलाफ अभियोजन की शिकायत दाखिल कर दी थी.

हुड्डा पर ये हैं आरोप

हुड्डा पर आरोप है कि उन्होंने 64.93 करोड़ रुपये का प्लॉट AJL को 69 लाख 39 हजार रुपये में दिया था. कुछ दिन पूर्व प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पंचकुला में एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को एक भूखंड आवंटन से जुड़े मामले में मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर हुड्डा से पूछताछ की थी.  धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत उनके बयान दर्ज किए गए थे.

नेहरू-गांधी परिवार और कांग्रेस नेता करते थे AJL का संचालन

पंचकूला स्थित यह भूखंड सेक्टर 6 में सी-17 नंबर AJL को आवंटित किया गया था. इसे पिछले साल ED ने कुर्क कर लिया था. AJL को कथित तौर पर नेहरू-गांधी परिवार के सदस्यों सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा संचालित किया जाता था.

नेशनल हेराल्ड अखबार निकालता था यह ग्रुप

ED की जांच में पाया गया है कि हुड्डा ने हरियाणा का मुख्यमंत्री रहने के दौरान अपने पद का दुरुपयोग करते हुए यह भूखंड पुन: आवंटन की आड़ में नए सिरे से AJL को 1982 की दर (91 रुपये प्रति वर्ग मीटर) और ब्याज के साथ फर्जी तरीके से आवंटित कर दिया. एजेंसी ने कहा था कि 2005 में इस पुन: आवंटन से AJL को अनुचित फायदा हुआ. यह ग्रुप नेशनल हेराल्ड अखबार निकालता था.
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बाजार मूल्य 64.93 करोड़, आवंटन हुआ 69.39 लाख रुपये में

ED के मुताबिक, इस भूखंड का बाजार मूल्य 64.93 करोड़ रुपये था, जबकि इसे हुड्डा को 69.39 लाख रुपये में आवंटित कर दिया था.  हुड्डा के खिलाफ विशेष CBI अदालत में पहले ही मानेसर जमीन घोटाले, AJL प्लॉट आवंटन मामले में आरोप तय करने के लिए बहस चल रही है. CBI के विशेष जज जगदीप सिंह इन मामलों की सुनवाई कर रहे हैं. AJL केस में ED द्वारा दाखिल अभियोजन की शिकायत की सुनवाई भी वही करेंगे.

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First published: October 30, 2019, 11:57 AM IST
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