पानीपत: नशा मुक्ति के लिए आए युवकों को पीटते, हाथ पर रखते थे वजन, परिजनों से वसूलते थे फीस, 37 छुड़ाए गए

हरियाणा में पकड़ा गया 'बर्बरता का केंद्र'

हरियाणा में पकड़ा गया 'बर्बरता का केंद्र'

Inhuman Behavior: हरियाणा के पानीपत जिले के एक गांव में चल रहे अवैध नशामुक्ति केन्द्र से स्वास्थ्य विभाग और समाज कल्याण विभाग के अमले ने 5 घंटे की कार्रवाई के बाद 37 युवाओं को मुक्त कराया. इनके साथ केन्द्र में अमानवीय व्यवहार किया जा रहा था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 12, 2021, 1:07 AM IST
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पानीपत. जिले के बिंझल गांव में चल रहे एक अवैध नशामुक्ति केन्द्र पर छापामार कार्रवाई कर वहां से 37 युवाओं को मुक्त कराया गया है.समाज कल्याण (Social Welfare) और स्वास्थ्य विभाग (Health Department) की साझा कार्रवाई से आजाद हुए इन युवकों को उनके परिजनों ने नशे की लत छुड़ाने दाखिल कराया था. केन्द्र में इन युवाओं के साथ बेहद अमानवीय व्यवहार होता था। उनके साथ मारपीट की जाती थी और हाथों पर भारी वजन रखा जाता था. केन्द्र चलाने वाले हर युवक के परिजन से 10 हजार रुपए बतौर फीस भी वसूलते थे.

जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिल्लो ने बताया कि बिंझल गांव में अवैध नशामुक्ति केन्द्र चलाने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर डीसी पानीपत (Panipat) की अध्यक्षता में एक पूरी टीम गठित की गई और ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाया गया. इसके बाद नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की गई. 5 घंटे तक चली छापे की कार्रवाई के बाद नशा मुक्ति केंद्र में अवैध रूप से भर्ती 37 लोगो को छुड़वाया और उन्हें पानीपत के सामान्य हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया. इस कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के हरियाणा मुख्यालय से निर्देश आए थे.

नशा मुक्ति केन्द्र में होता था अमानवीय व्यवहार

ढिल्लो ने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में नशे के आदी 37 लोगों के साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता था. यहां भर्ती युवाओं को पीटा जाता था और उनके हाथों पर वजन रखा जाता था. इनके परिजनों से हर माह नशे की लत छुड़वाने की एवज में 10 हजार रुपए फीस भी वसूली जाती थी. छापे में नशामुक्ति केंद्र से बीडी़, सिगरेट, खैनी आदि बरामद की गई है.
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बिना पंजीयन चल रहा था केन्द्र

जिला समाज कल्याण अधकारी सत्यवान ढिल्लो ने बताया कि जिस समय टीम नशा मुक्ति केंद्र पर पहुंची तो टीम ने वहां पर मौजूद लोगों से नशा मुक्ति केंद्र का रजिस्टर्ड होने के कागज मांगे. जो वहां पर मौजूद लोग नहीं दिखा पाए. नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले लोग एक संस्था के तहत इसे चला रहे थे, जो कि कानूनी रूप से गलत है. अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र में ना तो कोई सीसीटीवी कैमरे थे और ना ही साफ-सफाई थी, और ना ही अवैध रूप से चलाए जा रहे नशा मुक्ति केंद्र में कोई वेंटिलेशन था.



37 लोगों को बंधक बनाकर रखा

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने बताया कि जहां पर लोगों को रखा गया था, वहां पर कोई रोशनदान भी नहीं लगा हुआ था. केन्द्र में 37 बंधक मिले. नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले लोग वहां भर्ती लोगों के साथ बहुत बुरा बर्ताव करते थे और उनके साथ मारपीट भी करते थे, उन्हें 15-15 दिन तक कमरों से बाहर नहीं निकाला जाता था.

सील किया गया नशा मुक्ति केन्द्र

फिलहाल टीम ने नशा मुक्ति केंद्र में काम करने वाले दो लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया है और नशा मुक्ति केंद्र चलाने वाले के खिलाफ थाना मॉडल टाउन में शिकायत दी है. सीएमओ संत लाल वर्मा ने पुष्टि करते हुए बताया कि यह नशा मुक्ति केंद्र बिना रजिस्ट्रेशन चल रहा था, कोई भी मेडिकल प्रैक्टिस बिना रजिस्ट्रेशन नहीं की जा सकती. इसीलिए इस नशा मुक्ति केंद्र को सील किया गया.
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