पानीपत: बच्चों से ट्रॅाली में भरवाई जा रही थीं ईंटें, दीवार गिरने से 5 बच्चे दबे, 1 की मौत

पानीपत में दर्दनाक हादसा

पानीपत में दर्दनाक हादसा

आरोप है कि ठेकेदार ने बच्‍चों को कुछ रुपयों और टॉफी का लालच देकर ईंट को ट्रॉली में रखने को कहा था. इसी दौरान यह हादसा हो गया.

  • Share this:
पानीपत. हरियाणा के पानीपत के अहर से ज्वाहरा रोड पर स्थित कंसल भट्टे (Kansal Bhatta) पर दर्दनाक हादसा हुआ है. यहां ईंट उठाते समय दीवार ढह जाने से 5 बच्‍चे दब गए. इस हादसे में एक बच्चे की मौत हो गई और 4 घायल हो गए. घायलों में एक की हालत नाजुक बनी हुई है. इस हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया. पुलिस ने मृतक बच्चे के शव का पोस्टमार्टम (Post Mortem) कराकर घटना की जांच शुरू कर दी है.

जानकारी के अनुसार, एक ठेकेदार ट्रॉली को ईंटों से भरवाने के लिए वहां खेल रहे बच्चों को बुला लिया गया. बच्चों को कुछ रुपयों का लालच दिया गया था. जैसे ही बच्चे ईंट उठाने लगे, उसी समय दीवार गिर गई. इस हादसे में 12 वर्ष के बच्चे साहिल की मौत हो गई. चार अन्‍य बच्चे चोटिल हो गए. एक की हालत गंभीर है.

बताया गया कि शामली में कैराना के सुंदर नगर का रहने वाले इस्लाम का परिवार यहां पानीपत में अहर से ज्वाहरा रोड पर कंसल भट्टे पर काम करता है. इस्लाम और उसकी पत्नी यहां मजदूरी करते हैं. उनका तीन बच्‍चे घर में खेल रहे थे. उन्हीं के साथ 6 वर्षीय सादिक, 9 वर्षीय फातिमा भी थी. इसी दौरान ठेकेदार वहां पहुंचा. बच्चों से बोला कि चलो दीवार से ईंटें उठाकर ट्रॉली में भर दो. इसके बदले में कुछ रुपये और टॉफी मिलेंगे. बच्चे इस लालच में दीवार के पास पहुंच गए. कुछ ईंटे उठाकर ट्राली में रखवा दीं, लेकिन अचानक पूरी की पूरी दीवार ढह गई. इससे पांचों बच्चे इसके नीचे दब गए.

अक्सर ईंट भट्टे पर बच्चों को काम करते हुए देखा जा सकता है. बाल श्रम कराना अपराध है, इसके बावजूद भट्टे मालिक अपने ठेकेदारों के माध्यम से इनसे काम कराते हैं. कई बार चेकिंग होती है तो इन्हें छिपा दिया जाता है. दरअसल, मजदूरों के परिवार यहीं पर रहते हैं. इस वजह से ठेकेदारों को सस्ती दर पर श्रमिक मिलने का लालच रहता है. वह इन बच्चों का इस्तेमाल कर लेते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज