पानीपत: झाड़ियों से आ रही थी बच्‍चे के रोने की आवाज, पास पहुंचे तो हैरान रह गए ग्रामीण

बच्चे को झाड़ियों में फेंकने वालों की तलाश जारी
बच्चे को झाड़ियों में फेंकने वालों की तलाश जारी

ग्रामीण जब झाड़ी के पास पहुंचे तो उन्‍होंने एक कट्टे में 6 दिन के नवजात (Infant) को बंद पाया. आनन-फानन में पुलिस को इसकी सूचना दी गई.

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पानीपत. हरियाणा के पानीपत जिले में यमुना की तलहटी में बसे गांव हथवाला में ममता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है. जहां पैदाइश को छिपाने के लिए एक नवजात को प्लास्टिक (Plastic) के कट्टे में डाल कर झाड़ियों में फेंक दिया गया. मामला हथवाला पुलिस चौकी से चंद कदम दूर का है. मंगलवार सुबह लोगों ने नवजात के रोने की आवाज सुनी. नजदीक जाकर देखा तो नवजात को कांटों के बीच झाड़ियों में गिरा देख हैरान रह गए.

सूचना हथवाला चौकी पुलिस को दी गई. पुलिस नवजात को स्थानीय सामान्य अस्पताल लेकर पहुंची. जहां नवजात की स्वास्थ्य जांच के लिए नर्सिंग होम भेज दिया गया. वहीं नवजात को झाड़ियों में फेंकने की खबर से गांव के लोग भी हैरत में है.

प्लास्टिक के कट्टे में पड़ा था बच्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंगलवार को सुबह 6 बजे से उनको बच्चे के रोने की आवाज आ रही थी. कई बार उन्होंने अनसुना किया, लेकिन बाद में आवाज को सुनते हुए खेतों के पास झाड़ियों के पास पहुंचे तो कांटों के बीच प्लास्टिक के एक कट्टे में नवजात को पड़ा देख दंग रह गए. आनन फानन में नवजात को झाड़ियों से उठा कर कट्टे से बाहर निकाला गया और उसे कपड़े में लपेट कर सूचना हथवाला चौकी पुलिस को दी गई.




आरोपी महिला की तलाश जारी
झाड़ी से नवजात मिलने की सूचना के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई. कई लोग तो मौके पर ही नवजात को गोद देने के लिए मिन्नत करने लगे. समालखा थाना प्रभारी अंकित का कहना है कि नवजात (लड़का) मिला है. वह 5 से 6 दिन का लग रहा है. ऐसा किसी ने पैदाइश को छिपाने के लिए किया होगा. नवजात को गिराने वाली महिला की तलाश की जा रही है.

एसएनसीयू इंचार्ज डॉ. निहारिका ने बताया कि बच्चा 6 दिन का है और उसका वजन 2 किलोग्राम है. अभी कोरोना का टेस्ट करेंगे. बच्चे की हालत पर निर्भर करता है कि वह 2 से 3 दिन तक ऐसे हालात में जिंदा रह सकता है या नहीं. बच्चे को झाड़ियों में फेंकने वालों की तलाश हो रही.
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