संदेह के घेरे पानीपत पुलिस की जांच, केस वापस लेने के लिए डाला गया दवाब

अधिकारियों को भेजे गए पत्र में आरोप लगाए हैं कि 2011 में पानीपत डीए यानि जिला अटार्नी और रिंकू शर्मा ने झूठे मामले दर्ज करवाए गए और मुझे गिरफ्तार करवाया था.

SUMIT KUMAR | News18 Haryana
Updated: August 15, 2019, 2:00 PM IST
संदेह के घेरे पानीपत पुलिस की जांच, केस वापस लेने के लिए डाला गया दवाब
संदेह के घरे पानीपत पुलिस की जांच, केस वापस लेने के लिए डाला गया दवाब
SUMIT KUMAR | News18 Haryana
Updated: August 15, 2019, 2:00 PM IST
पानीपत पुलिस की कार्यवाही एक बार फिर संदेह के दायरे में आ रही है. इस बार पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं कि पानीपत डीएसपी हैडक्वाटर कार्यलय के नाम की मोहर का गलत प्रयोग किया गया. पानीपत निवासी अश्वनी शर्मा ने एक प्रेस वार्ता में आरोप लगाते हुए कहा कि  सीएम विंडो और पुलिस महानिदेशक समेत अनेक अधिकारियों को भेजे गए पत्र में आरोप लगाए हैं कि 2011 में पानीपत डीए यानि जिला अटार्नी और रिंकू शर्मा ने झूठे मामले दर्ज करवाए गए और मुझे गिरफ्तार करवाया था. डीएसपी सतीश गौतम द्वारा  केस वापस लेने के लिए का दबाव भी डाला गया. पुलिस अधीक्षक ने इस पुरे मामले की जांच डीएसपी हैडक्वाटर सतीश वत्स को दे दी हैं.

अश्विनी शर्मा ने बताया कि 1 जुलाई को पानीपत के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार को डीए राजेश कुमार, रिंकू शर्मा एलेक्स सैमसंग अब्दुल कादिर और दयानंद जाधव जोकि मुंबई पुलिस में कार्यरत हैं. उनके खिलाफ शिकायत दी थी. अश्विनी शर्मा ने बताया कि सभी ने मुझे झूठी साजिश के तहत गिरफ्तार किया और मुंबई पुलिस ने 4 दिन तक मुझे हिरासत में रखने के बाद 60 लाख रूपये और ढाई करोड़ के चेक देने के बाद मुझे छोड़ा गया.

इसके बाद मुझ पर ढाई करोड के चेक कैश करवाने का भी जवाब डाला गया था. इस पुरे मामले की जाँच पुलिस अधीक्षक ने पानीपत के डीएसपी सिटी सतीश गौतम ने की थी. लेकिन डीएसपी सतीश गौतम ने फैसले करने का दवाब डाला और शिकायत की कॉपी डीए राजेश और रिंकू शर्मा को दे दी.

उन्होंने कहा कि 4 मई के जो मैंने चेक दिए थे उन्होंने वो सभी चेक 17 जुलाई को दिल्ली बैंक में लगाए थे. लेकिन अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है और हमें जान से मारने की धमकी मिल रही हैं. अश्वनी शर्मा ने बताया की मुंबई के कुछ व्यापरियों के साथ भी उन्होंने ऐसा ही किया था. पुरे मामले में जैमपि जोकि गाड़ियों का काम करता हैं उसने कहा की मुझे समालखा 10 लाख रूपये लेने के लिए भेजा गया था.

इस पूरे मामले की जांच कर रहे डीएसपी हेडक्वार्टर सतीश वत्स ने बताया हर रोज हजारो शिकायत आती हैं. कौन सी शिकायत आई हैं मुझे पता नहीं हैं. लेकिन कोई शिकायत आई हैं जांच पूरे होने के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी.

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First published: August 15, 2019, 1:48 PM IST
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