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पानीपतः स्कूल फीस जमा नहीं करने पर बच्चों को 3 घंटे बंधक बनाने का आरोप, अभिभावकों के हंगामे के बाद छोड़ा

पानीपत में अभिभावकों ने निजी स्कूल पर बच्चों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है.

पानीपत में अभिभावकों ने निजी स्कूल पर बच्चों को बंधक बनाने का आरोप लगाया है.

पानीपत जिले के निजी स्कूल संचालक एनुअल फीस और ट्रांसपोर्टेशन फीस की वसूली को लेकर अब गुंडागर्दी पर उतर आए हैं. पानीपत के एक स्कूल पर अभिभावकों ने आरोप लगाया कि भूखे प्यासे बच्चों को बंधक बना लिया है.

  • Last Updated: March 7, 2021, 12:36 PM IST
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पानीपत. पानीपत जिले के निजी स्कूल संचालक एनुअल फीस और ट्रांसपोर्टेशन फीस की वसूली को लेकर अब गुंडागर्दी पर उतर आए हैं. यह हम नहीं कह रहे, बल्कि अभिभावकों ने यह आरोप लगाया है. आरोप है कि एनुअल फीस और ट्रांसपोर्टेशन फीस जमा न होने पर स्कूल प्रबंधन ने  भूखे-प्यासे बच्चों को बंधक बना लिया. जब बच्चे समय पर घर नहीं पहुंचे तो अभिभावकों को चिंता हुई. वे जब स्कूल पहुंचे तो उन्हें इस हरकत का पता चला.

मामला समालखा के चुलकाना रोड स्थित डीएवी सेनेटरी स्कूल का है, जहां बच्चों के समय पर घर न पहुंचने से चिंतित अभिभावक स्कूल में पहुंचे. यहां जानकारी मिली कि बच्चों को एनुअल फीस और ट्रांसपोर्टेशन फीस की खातिर बंधक बना रखा है. उसके बाद अभिभावक ने बाकी अभिभावकों को सूचना दी और मौके पर सभी बच्चों के अभिभावकों को बुलाया. तब जाकर बच्चों को स्कूल प्रबंधन से मुक्त कराया. अभिभावकों का कहना है कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को करीब 3 घंटे कैद करके रखा, जबकि उन्होंने सारी फीस जमा करा रखी है.

अभिभावकों ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ट्रांसपोर्टेशन के साथ-साथ एनुअल फीस की वसूली के लिए दबाव बना रहा है. वहीं जब इस बारे में स्कूल प्रिंसिपल से बातचीत की गई तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि हमने बच्चों को बंधक नहीं बनाया है, बल्कि एक लिस्ट तैयार कर सभी अभिभावकों को फीस जमा कराने जमा कराने का मैसेज डाला है. लेकिन बावजूद उसके भी अभिभावकों द्वारा फीस जमा नहीं कराई गई जिसके चलते स्कूल के करीब 50% विद्यार्थियों की फीस पेंडिंग पड़ी है.



बहरहाल अभिभावकों ने अपने बच्चों को तो स्कूल प्रबंधन से मुक्त करा लिया है, लेकिन आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच का विषय है. लेकिन अगर आरोपों में सच्चाई है तो यह काफी गंभीर विषय है. आपको बता दें इससे पहले भी कई निजी स्कूलो में भी एनुअल फीस को लेकर हंगामा हो चुका है.
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