पढ़िए, हरियाणा सरकार किन बेटियों को भेज रही है गणतंत्र दिवस का यह तोहफा
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पढ़िए, हरियाणा सरकार किन बेटियों को भेज रही है गणतंत्र दिवस का यह तोहफा
हरियाणा में इस बार का गणतंत्र दिवस कुछ परिवारों के लिए बहुत ही खास होने वाला है. जिन परिवारों में नवजात बच्चियां हैं, उन परिवारों के लिए यह गणतंत्र दिवस यादगार बनने जा रहा है.

हरियाणा में इस बार का गणतंत्र दिवस कुछ परिवारों के लिए बहुत ही खास होने वाला है. जिन परिवारों में नवजात बच्चियां हैं, उन परिवारों के लिए यह गणतंत्र दिवस यादगार बनने जा रहा है.

  • News18
  • Last Updated: January 24, 2016, 9:46 AM IST
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हरियाणा में इस बार का गणतंत्र दिवस कुछ परिवारों के लिए बहुत ही खास होने वाला है. जिन परिवारों में नवजात बच्चियां हैं, उन परिवारों के लिए यह गणतंत्र दिवस यादगार बनने जा रहा है.

गर्ल चाइल्‍ड को बढ़ावा देने की मुहिम में राज्‍य सरकार ने एक ओर नई पहल को जोड़ दिया है. देश में सबसे कम लिंगानुपात होने वाले राज्‍य हरियाणा ने गर्ल चाइल्‍ड को बचाने की मुहिम को तेज कर दिया है. इस दिशा में हरियाणा के शिक्षा विभाग ने उन परिवारों को निमंत्रण भेज पहली पंक्ति की सीट दी हैं, जिन परिवारों में छोटी बच्चियां हैं. शिक्षा विभाग ने गणतंत्र दिवस के मौके पर उन इलाकों में होने वाले कार्यक्रमों के लिए इन परिवारों को चुन पहली पंक्ति में बैठने का न्‍योता भेजा है.

स्‍कूल में पढ़ने वाली तकरीबन दो लाख लड़कियों के परिवारों को यह निमंत्रण भेजे गए हैं. इस पहल की सबसे खास बात यह है कि ये निमंत्रण परिवार या पिता के नाम पर नहीं, बल्कि बच्चियों के नाम पर भेजे गए हैं.



गांव की सबसे ज्‍यादा पढ़ने वाली लड़की ही गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में ध्‍वजारोहण करेगी. इसके साथ ही यह बच्‍ची एक साल के लिए स्‍कूल प्रबंधन कमेटी की सदस्‍य भी बन जाएगी. इलाके के स्‍थानीय स्‍कूल ऐसे परिवारों को खोज रहे हैं. स्‍कूल उन परिवारों को खोज रहे हैं जिनमें दिसबंर और जनवरी में बेटियां पैदा हुई हैं. ऐसे परिवारों को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के खास न्‍योते भेजे जा रहे हैं.



शिक्षा विभाग के अधिकारी के मुताबिक इस पहल का मकसद बेटियों को परिवार का गर्व बनाना है. हम चाहते हैं कि परिवार और अभिभावक इस बात को महसूस करें कि उन्‍हें यह सम्‍मान उनकी बेटियों की वजह से ही मिल पा रहा है. हम गर्ल चाइल्‍ड के प्रति परिवारों की सोच बदलना चाहते हैं.

गौतरबल है कि 2015 में हरियाणा का लिंगानुपात 876 रहा है. 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान की असफलता में शामिल 100 जिलों में से 12 हरियाणा के हैं. हरियाणा सरकार ने पिछले कुछ महीनों में लिंग जांच के कई मामलों में सफलता हासिल की है. पीसी एंड पीएनडीटी एक्‍ट के तहत 58 और मेडिकल गर्भावस्था अधिनियम के तहत 72 एफआईआर दर्ज की है.
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