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Panipat News: कानूनों के विरोध में किसान ने 22 बीघे में खड़ी गेहूं की फसल पर चलाया ट्रैक्टर, बोले- आग भी लगा सकता हूं

हरियाणा के पानीपत में एक किसान ने किसान आंदोलन के समर्थन में गेहूं खड़ी फसल नष्ट कर दी.

हरियाणा के पानीपत में एक किसान ने किसान आंदोलन के समर्थन में गेहूं खड़ी फसल नष्ट कर दी.

पानीपत के किसान ने अपने खेत की खड़ी फसल को रौंदने के बाद कहा कि किसान मोर्चा जो भी आह्वान करेगा हम उसको पूरा करेंगे. फसल नष्ट होना उसका एक उदाहरण है, सरकार को चेताना है. किसान ने कहा कि सरकार मान जाए नहीं तो किसान कुछ भी कर सकता है.

  • Last Updated: February 24, 2021, 3:48 PM IST
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पानीपत. केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन पूरे देश में जारी है. कृषि कानूनों के विरोध में किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं. लेकिन सरकार अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं है. किसानों का कहना है कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे. चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी कुर्बानी क्यों न देनी पड़े. इसका ताजा उदाहरण पानीपत के गांव इसराना में उस समय देखने को मिला, जब एक किसान नरेश  ने अपनी गेहूं की हरी-भरी लहलहा रही खड़ी फसल पर ट्रैक्टर और हिररो चलाकर फसल को नष्ट कर दिया.

फसल नष्ट करने को लेकर जब किसान नरेश से बातचीत की गई तो उसने कहा कि सरकार उनकी फसल का उचित दाम नहीं दे रही है. तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान लगातार आंदोलन कर रहे हैं, मगर सरकार किसी की भी नहीं सुन रही है. इसी को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा था कि अपने खाने के लिए उपज को छोड़कर बाकी पर ट्रैक्टर चला दें. इसलिए उन्होंने आज अपनी करीब साढ़े 22 बीघा गेहूं की खड़ी फसल को नष्ट कर दिया है.

किसान नरेश ने कहा कि उन्होंने जिस फसल को नष्ट किया है, वह जमीन उन्होंने ठेके पर ली थी और उसमें फसल उगाई थी. उसकी कड़ी महेनत के बाद यह फसल तैयार हुई थी लेकिन किसान आंदोलन के समर्थन में उसने अपनी फसल को नष्ट किया है. किसान का कहना था कि जब हमारी फसल का उचित मूल्य ही हमे नही मिलेगा तो हम फसल का क्या करेंगे. उसे नष्ट ही करेगे. किसान ने कहा कि सैकड़ों किसान आंदोलन में अपनी शहीदी दे चुके हैं और सरकार हमें आतंकवादी बता रही है. इसलिए फसल को नष्ट करने के अलावा हमारे पास कुछ नहीं बचा है. किसान नरेश ने कहा फसल को उजाड़ कर वह सरकार को यह बताना चाहते हैं कि किसान कुछ भी कर सकता है अपनी फसल को नष्ट भी कर सकता है और उसमें खड़ी में आग भी लगा सकता है. और सरकार के साथ हम आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है।



किसान को रोकने के लिए पहुंचे लोग
वहीं, जब ग्रामीणों को पता चला कि किसान नरेश ट्रैक्टर चलाकर अपनी फसल को नष्ट कर रहा है तो सैकड़ों की संख्या में किसान उसको रोकने के लिए खेत में पहुंचे और उसे फसल नष्ट ना करने की अपील की। किसान नरेश को फसल को नष्ट करने से रोकने के लिए पहुंचे किसान प्रदीप ने कहा कि फिलहाल तो उन्होंने किसान को फसल नष्ट करने से रोक दिया है लेकिन अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानेगी तो वह किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हैं. किसान प्रदीप ने कहा कि अगर जत्थे बंद या उन्हें आदेश देगी तो वह खड़ी फसल को दोबारा से नष्ट कर देंगे और उसमें आग लगाने के लिए भी तैयार है.
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