रेलवे विभाग के कर्मचारी का एक अजीब कारनामा, ट्रेन के आने से पहले ही वसूल ल‍िए व‍िदाउट ट‍िकट के पैसे

इस इकॉनमी क्लास काेचेस काे कुछ अनुमतियां मिलना शेष

इस इकॉनमी क्लास काेचेस काे कुछ अनुमतियां मिलना शेष

टीटीई ने अपना टारगेट पूरा करने के लिए इसका नाजायज फायदा उठाया. टीटीई ने महिला पर जुर्माना लगाकर ₹450 वसूल कर थमाई.

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हरि‍याणा के पानीपत रेलवे विभाग का एक अजीब कारनामा सामने आया है. यहां पानीपत से दिल्ली जाने के लिए काउंटर पर टिकट नहीं मिलने से महिला ने टीटीई से संपर्क किया क‍ि कैसे परिवार के साथ दिल्ली जा सकती हूं. तो बिहार की गरीब अनपढ़ मजदूर महिला को टीटीई ने अपना टारगेट पूरा करने के लिए इसका नाजायज फायदा उठाया. टीटीई ने महिला पर जुर्माना लगाकर ₹450 वसूल कर थमाई. इसके बाद महिला जब दिल्ली के लिए विदाउट टिकट यात्री की पर्ची टिकट वापस करने गई तो उसे टीटीई द्वारा की गई अंधेर गर्दी का पता चला।

पानीपत राजनगर की रहने वाली एक महिला रूपा अपने परिवार के साथ बिहार जाने के लिए पानीपत के रेलवे स्टेशन पर पहुंची. मह‍िला के पास अपनी कंफर्म टिकट थी जो उन्होंने पहले ही रिजर्व करवाई हुई थी, लेकिन रूपा के पास पानीपत से दिल्ली जाने के लिए कोई टिकट नहीं था. इस पर महिला ने टिकट काउंटर से पानीपत से नई दिल्ली के लिए टिकट लेनी चाहिए जो काउंटर पर उसे यह कहकर ट‍िकट देने से मना कर दिया क‍ि किसान आंदोलन के कारण ट्रैक जाम है जबकि इसी दौरान जाम से एक घंटा पहले सचखंड एक्सप्रेस ट्रेन अमृतसर से नई दिल्ली की तरफ आने वाली थी.

इसके बाद महिला ने गेट के पास खड़े रेलवे कर्मचारी से जो एक टिकट निरीक्षक रहा होगा उससे बात कर समाधान पूछा कि कैसे वह दिल्ली जा सकती है, ताकि वहां से अपने परिजनों के साथ बिहार जा सके तो उस निरीक्षक ने बठिंडा एक्सप्रेस ट्रेन जो कि अभी एक घंटा लेट होने के कारण करीबन 2 घंटे बाद पानीपत पहुंचनी थी उसी ट्रेन का टिकट निरीक्षक ने फाजिल्का से दिल्ली का विदाउट यात्री टिकट बना कर पर्ची उस महिला को दे दी और उससे ₹450 वसूल कर लिए. इस तरह महिला अपने परिजनों के साथ स्टेशन पर ट्रेन की इंतजार करने लगी वह बार-बार आरपीएफ के पुलिस कर्मचारी से ट्रेन के टाइम के बारे में बात कर रही थी. जब आरपीएफ कर्मचारी ने उससे उसकी समस्या पूछी तो उन्होंने महिला को बताया ट्रैक जाम होने के कारण वह इस ट्रेन से नई दिल्ली नहीं जा सकती, जबकि बठिंडा एक्सप्रेस पुरानी दिल्ली जाती है और ना ही वह नई दिल्ली से बिहार जाने वाली ट्रेन के टाइम तक वहां पहुंच सकती है. इसलिए अपने टिकट वापस कर बस से चले जाएं तो अच्छा है.

इसके बाद वह महिला उस टिकट को वापस करने के लिए गेट के पास बैठे मुख्य टिकट कलेक्टर के पास पहुंची तो उसने बताया यह वापस नहीं हो सकती. इसके पैसे आपको नहीं मिल सकते उसी समय जब उस महिला ने न्‍यूज 18 को अपनी बात बताई और हमने टिकट पर्ची देखी तो यह पाया यह तो विदाउट यात्री टिकट की पर्ची है यह उसने कहां से ली इसके तो पैसे वापस नहीं होंगे. महिला ने टिकट कलेक्टर से गुहार लगा रही थी कि मेरे पैसे वापस दिए जाएं क्योंकि ट्रेन तो समय पर आ नहीं रही आगे भी उन्हें बिहार जाना है वह बस से दिल्ली चले जाएंगे जब हमने टिकट निरीक्षक से कहा ट्रेन आने से 2 घंटे पहले विदाउट टिकट पर्ची कैसे बनाई जा सकती है, जबकि यात्री पानीपत स्टेशन से टिकट लेने के लिए काउंटर पर पहुंचा है.
यह अंधेर गर्दी क्यों की जा रही है महिला इस बात की शिकायत कर सकती है क‍ि ₹80 में दिल्ली जाने के लिए अनपढ़ महिला को बिना बताए बिना किसी जानकारी दिए ₹450 कैसे वसूल किए जा सकते हैं. मीडिया को सामने देखकर इस पर दूसरे टिकट कलेक्टर ने आकर महिला व उसके परिवार को कहा कि हम आपको स्पेशल ऑब्लिगेशन लेकर दूसरी ट्रेन नई दिल्ली भिजवाने का इंतजाम कर देते हैं.

पीड़ित महिला रूपा ने बताया वह अनपढ़ है मुझे नहीं पता था कि पानीपत से दिल्ली के ₹450 लगते हैं वह यह समझती थी कि आजकल ट्रेनें बंद है इसलिए किराया इतना लगता होगा इसलिए उन्होंने टीटी को ₹450 टिकट के लिए थमा दिए और उन्होंने उसे यह पर्ची दी थी। आप जरा सोचिए ट्रेनों के कम चलन के कारण रेलवे कर्मचारियों द्वारा अपना टारगेट पूरा करने के लिए किस तरह से लोगों को गुमराह कर उनका शोषण किया जाता है इस तरह के कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए।
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