पानीपत: पूर्व MLA के पति पर 1700 गज भूमि पर कब्जा करने का आरोप

पानीपत में जमीन कब्जाने के आरोप.
पानीपत में जमीन कब्जाने के आरोप.

डीएसपी सतीश कुमार ने कहा कि यह सिविल मामला है, जिसमें पुलिस का कोई लेना देना नहीं है. अगर कुछ कार्रवाई पुलिस की बनती है तो उसकी जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 13, 2020, 8:50 AM IST
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पानीपत. घोटाले और धांधली पानीपत (Panipat) की तहसील कार्यालय का हिस्सा रहे हैं और लंबे समय से विवादों में रहने वाले तहसील कार्यालय का एक और कारनामा सामने आया है, जिसमें थाना चांदनी बाग (Chadani Bag) क्षेत्र में शहर की पूर्व विधायिका के पति पर फर्जी तरीके से रजिस्ट्री करवाने के आरोप लगे हैं. पीड़ित पक्ष ने प्रेस वार्ता कर सुरेंद्र रेवड़ी (Surender Revadi) पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने साजिश के तहत उनकी जमीन हड़पने का काम किया है. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें जल्द ही नए नहीं मिला तो वह है भूख हड़ताल पर बैठने को मजबूर होंगे.

दोनों पक्ष जमीन पर कर रहे दावा
हरियाणा में जमीन की रजिस्ट्रियों का का खेल कैसे चलता है उसका एक उदाहरण पानीपत में देखने को मिला, जहां विवादित 1700 गज भूमि पर कब्जा करने का आरोप पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी के साथ-साथ कई अन्य लोगों पर लगा है. जहां 17 सौ गज विवादित भूमि पर कई लोगों की रजिस्ट्रियां रिकॉर्ड में देखने को मिल रही है. जहां दोनों ही पक्ष जमीन पर अपना दावा कर रहे हैं. इसी को लेकर एक पक्ष मीडिया के सामने आया और अपना दुखड़ा रोया.

20 साल पहले ली थी जमीन
उन्होंने बताया कि 20 साल पहले उन्होंने यह जमीन ली थी जिसकी 20 साल पहले की उनके पास 5 रजिस्ट्री मौजूद हैं, लेकिन जैसे ही जमीन पर वह कुछ काम करने या कुछ निर्माण करने के लिए जाते हैं तो वहां पर पुलिस प्रशासन के साथ-साथ सुरेंद्र रेवड़ी और उसके लोग उन्हें धमकाने पहुंच जाते हैं. पीड़ित पक्ष के मुताबिक, आलम ऐसा हो चुका है कि उनका न तो कोई साथ दे रहा है और अब वह मजबूरन धरना देने और आत्महत्या करने को मजबूर हो रहे हैं.



पुलिस पर भी लगाए आरोप
पीड़ित पक्ष ने पूर्व विधायिका रोहिता रेवड़ी के पति सुरेंद्र रेवड़ी का पुलिस पर दबाव होने का आरोप लगाया, जिसके चलते पुलिस उन पर दबाव बनाती है और कब्जा नहीं करने देती है. डीएसपी सतीश कुमार ने कहा कि यह सिविल मामला है, जिसमें पुलिस का कोई लेना देना नहीं है. अगर कुछ कार्रवाई पुलिस की बनती है तो उसकी जांच पड़ताल के बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी. साथ ही एक एसएचओ पर भी आरोप लगने पर डीएसपी ने कहा कि अगर किसी एसएचओ द्वारा गलत तरीके से किसी पर दबाव या कार्रवाई की जा रही होगी तो उसकी जांच के बाद कार्रवाई की जा सकेगी.
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