पानीपत: पति की हत्या कर घर में दफना दिया था शव, 18 महीने बाद खुला राज

पति की हत्‍या करने के बाद तांत्रिक से वापस मांगने गई थी महिला
पति की हत्‍या करने के बाद तांत्रिक से वापस मांगने गई थी महिला

Panipat Murder Mystery: स्वजनों को उस पर शक न हो इसलिए वे तीन महीने से तांत्रिकों के चक्कर लगा रही थी. पत्‍नी पर ही पति की हत्‍या करने का आरोप लगा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 27, 2020, 10:43 AM IST
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पानीपत. हरियाणा के पानीपत जिले के विकास नगर में 18 महीने से लापता 31 वर्षीय टेक्नीशियन हरबीर सिंह के घर में खुदाई के दौरान नरकंकाल मिला है. घर से मिले मानव कंकाल के मामले का पर्दाफाश हो गया है. आरोप है कि पत्‍नी ने ही पति की हत्‍या करके शव (Dead body) को घर में ही दफना दिया था. इसके बाद उसके लापता होने की कहानी गढ़ दी थी. प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या (Murder) कर शव दफनाने वाली गीता दिखावे के लिए तांत्रिक के पास भी गई थी.

तांत्रिक के पास जाकर उसने अपने पति का वापस लाने की बात कही. वहीं, तांत्रिक ने कहा कि दो क्विंटल दूध और दस हजार रुपये खर्च होंगे. उसके पति हरबीर को वापस ले आएंगे. गीता तो जानती थी कि वह हरबीर को दफना चुकी है. उसने मुस्करा कर जवाब दिया, जाने वाले लौटकर नहीं आते. पुलिस पूछताछ में गीता ने यह बात कबूली है. मकान के पुनर्निर्माण कराने की वजह से कंकाल सामने आ गया और उसका जुर्म पकड़ा गया.

पुलिस ने गीता को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है. अब उसके प्रेमी विकास की तलाश की जा रही है. बता दें कि टावर कंपनी के टेक्नीशियन विकास नगर के हरबीर ने पत्नी गीता को अपने ही दोस्त समालखा के एक गांव के विकास के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा लिया था. शराब के नशे में धुत्त हरबीर ने गीता की पिटाई कर दी थी. विकास को भी धमकाया था कि उसके घर ने आया करे.



हत्या की साजिश रची
इसी से खफा होकर विकास ने हरबीर की हत्या करने की साजिश रची. तय हुआ कि इसके बाद दोनों शादी कर लेंगे. दोनों ने हरबीर के हाथ-पांव बांधे और परने से गला घोंटकर मार डाला. शव को पानी की निकासी के लिए पहले से खोदे गए गड्ढे में डालकर ऊपर से कस्सी से मिट्टी डालकर दफना दिया. हरबीर के मोबाइल को स्विच ऑफ कर पास के खेतों में फेंक दिया.

परिजनों को नहीं हुआ शक
हरबीर की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद गीता पर स्वजनों का दबाव बढ़ गया था कि हरबीर को अपने स्तर पर भी ढूंढा जाए. स्वजनों को उस पर शक न हो इसलिए वे तीन महीने से तांत्रिकों के चक्कर लगा रही थी. वो अपनी मां मुनेश के साथ भी कई तांत्रिकों से मिली. इस ढोंग की वजह से स्वजनों ने उस शक नहीं किया.
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