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पानीपत. वेब डेवलपर की नौकरी छोड़ उगा रहे ऑर्गेनिक गन्ना, बेच रहे गुड़, खांड और शक्कर
Panipat News in Hindi

News18 Haryana
Updated: December 21, 2019, 9:39 PM IST
पानीपत. वेब डेवलपर की नौकरी छोड़ उगा रहे ऑर्गेनिक गन्ना, बेच रहे गुड़, खांड और शक्कर
युवा इंजीनियर विजय ने वेब डेवलपर की नौकरी छोड़कर गुड़ बनाने और बेचने का धंधा शुरू किया है.

पानीपत जिले के छोटे से गांव ताजपुर (Tajpur Village of Panipat) के युवा इंजीनियर विजय ने एक शानदार पहल शुरू की. 5 साल की नौकरी छोड़ गन्ने की ऑर्गेनिक खेती (Organic Farming) शुरू की.

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पानीपत. पानीपत जिले के छोटे से गांव ताजपुर (Tajpur Village of Panipat) के युवा इंजीनियर (Engineer) ने एक शानदार पहल शुरू की है. 5 साल की नौकरी छोड़कर उन्होंने गन्ने की ऑर्गेनिक खेती (Organic Farming) शुरू की है. यह युवा प्रोफेशनल एयर कंडीशन में बैठकर वेब डेवलपर की नौकरी किया करते थे, लेकिन अब खुद के खेत में कोल्हू लगाकर पिता के साथ मसाले वाला गुड़, खांड और शक्कर बना रहे हैं. करीब 65 एकड़ जमीन पर वे गन्ने की ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं. करीब 25 एकड़ जमीन पर बिना मसाले और केमिकल फ्री गुड़ बनाने के लिए ऑर्गेनिक गन्ना उगाते हैं. ऑर्गेनिक गन्ने से तैयार गुड़ को 50 रुपए किलो के हिसाब से बेचते हैं. बाकी गन्ने को शुगर मिल में भेज देते हैं.

खाद्य पदार्थों में मिलावट के चलते थे परेशान
ताजपुर के युवा इंजीनियर विजय के दिमाग में यह आइडिया खाने की चीज़ों में मिलावट होने के चलते आया. विजय ने बताया कि, 'हम ऑर्गेनिक गन्ना और शुद्ध गुड़ लोगों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. सर्दियों के सीजन में गुड़ हर घर में खाने में इस्तेमाल होता है. स्थानीय लोगों के मुताबिक वह अब गुड़ वाली चाय को तवज्जो दे रहे हैं.

पिता के मुहिम में दे रहा है साथ



इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग करके चंडीगढ़ और गुरुग्राम में वेब डेवलपर के पद पर 5 साल तक काम करने बाद वापिस अपने गांव आए विजय अपने पिता के साथ ऑर्गेनिक खेती करने लगे. विजय ने बताया कि, 'मैं भी एयर कंडीशन में बैठकर वेब डेवलपर की नौकरी कर सकता था लेकिन पिता द्वारा सेवा भाव से शुरू किए गए ऑर्गेनिक खेती की मुहिम में उनका साथ देना जरूरी समझा.'



Sugarcane
करीब 65 एकड़ जमीन पर गन्ने की ऑर्गेनिक खेती कर रहे हैं.


विजय का छोटा भाई कर रहा है एमबीबीएस की पढ़ाई, बहन है लेक्चरर
विजय ने कहा कि गांव की जमीन से लगाव और लोगों को शुद्ध खाने की चीज उपलब्ध करवाने की इच्छा से नौकरी छोड़ी. उनका कहना है कि आजकल खाने में शुद्धता नहीं है. भारत में 90 प्रतिशत मिलावट की चीजें मिलती हैं. विजय का छोटा भाई एमबीबीएस कर रहा है और बहन लेक्चरर की पोस्ट पर हैं.

पापा 8 साल से चला रहे हैं मुहिम
विजय के पापा महल सिंह ने बताया कि आर्मी से पदमुक्त होने के बाद जहर मुक्त खेती की सोच ने 8 साल पहले इस मुहिम को जन्म दिया. वे खाद मुक्त गुड़, शक्कर व खांड बनाते हैं. उन्होंने कहा कि हरियाणा में शायद ही कोई ऐसी खाद मुक्त शक्कर, गुड़ व खांड बनाता हो. हरियाणा, यूपी पंजाब ,उत्तर प्रदेश और देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, दु​बई, फ्रांस, अमेरिका और जर्मनी से भी लोग गुड़ और शक्कर लेने पहुंचते हैं.

(पानीपत से सुमित भारद्वाज की रिपोर्ट) 

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First published: December 21, 2019, 5:55 PM IST
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