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हरियाणा विधानसभा चुनाव: प्रचार से पहले नेता 5 से 20 हजार रु. खर्च कर बनवा रहे चुनावी गाने

News18 Haryana
Updated: September 24, 2019, 1:26 PM IST
हरियाणा विधानसभा चुनाव: प्रचार से पहले नेता 5 से 20 हजार रु. खर्च कर बनवा रहे चुनावी गाने
तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गईं हैं.

हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर प्रचार प्रसार में जुटे संभावित उम्मीदवार तरह-तरह के गाने बनवाकर सोशल मीडिया (Social Media) पर उसे खूब वायरल (Viral) करा रहे हैं.

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पानीपत. हरियाणा (Haryana) में आगामी 21 अक्‍टूबर को होने वाले विधानसभा चुनाव 2019 (Assembly Election 2019) को लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियां अपनी-अपनी तैयारियों में जुट गई हैं. इसी क्रम में प्रचार प्रसार में जुटे संभावित उम्मीदवार तरह-तरह के गाने बनवाकर सोशल मीडिया (Social Media) पर उसे खूब शेयर करा रहे हैं. नेताओं के ये गाने 5 हजार से लेकर 20 हजार रुपए तक में तैयार हो रहे हैं.

हरियाणवी एलबम बनाने वाले सिंगर कृष्ण ढूंढवा ने कहा कि एक महीने पहले से उनके पास नेताओं की बुकिंग शुरू हो गई थी. छोटे-बड़े सभी नेता उनसे प्रचार के लिए गाने बनवा रहे हैं. इनमें कोई नेता पुरानी धुन तो कोई हरियाणवी गाने बनवा रहा है. इनसे कम से कम 5 हजार रुपए चार्ज किए जा रहे हैं. अगर कोई नई धुन बनवाना चाहता है तो उसके लिए उससे 20 हजार रुपए तक लिए जाते हैं. बता दें कि कृष्ण ढूंढवा खुद गाना लिखते हैं और खुद ही गाते भी हैं.

'नेताओं का जैसा एजेंडा, वैसे गाने के लिखे जाते हैं बोल'

'बाबे आली चेल्ली' गाने से मशहूर हुए हरियाणवी लेखक अंशु शर्मा ने कहा कि राजनीतिक पार्टी के हिसाब से गीत लिखे और बनाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि पार्टी और उम्मीदवार के एजेंडे मुताबिक उनके गीत के बोल होते हैं. इसमें राइटर, सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर तीनों शामिल होते हैं. रिकॉर्डिंग के बाद पार्टी को ऑडियो उपलब्ध करवा दिया जाता है, लेकिन इसके बाद पार्टियां उस पर अपना वीडियो एडिट करवा लेती हैं. इसका खर्च करीब 3 हजार से 10 हजार रुपए तक आता है.

जैसी सर्विस, वैसा सोशल मीडिया का पैकेज 

राजनीतिक प्रचार के लिए दिल्ली में ब्लू स्काई कम्युनिकेशन नाम से एजेंसी चलाने वाले राहुल कुमार तालान का कहना है कि हर चुनाव में प्रचार के लिए अलग-अलग पैकेज निर्धारित है. अगर किसी नेता को चुनाव के दौरान तीन महीने का सर्विस चाहिए तो उसके लिए कंपनियां 15 से 20 लाख रुपए चार्ज कर रही हैं. इसमें नेता के विधानसभा क्षेत्र से जुड़ा सर्वे, रिसर्च, फेसबुक, ट्विटर, वॉट्सऐप हैंडलिंग, ग्राफिक्स, पोस्टर, बैनर डिजाइनिंग और नारे बनवाने का काम शामिल है. राहुल का कहना है कि अगर नेता अकेले सोशल मीडिया का पैकेज लेना चाहे तो उससे एक से सवा लाख रुपए चार्ज किए जा रहे हैं.

इसमें नेता के सोशल मीडिया पेज का प्रमोशन, उस पर लाइव जनसभाएं, रैलियां, साथ ही लगातार पोस्टर व ग्राफिक्स से लोगों को जोड़े रखने की कोशिश की जाती है. इसके अलावा फेसबुक पर संबंधित विधानसभा क्षेत्र के लोगों को टारगेट कर पेज का प्रमोशन भी किया जाता है.ये भी पढ़ें:- हरियाणा के पूर्व सीएम ओपी चौटाला ने पैरोल बढ़ाने के लिए लगाई याचिका

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First published: September 24, 2019, 11:57 AM IST
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