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पानीपत में RTI एक्टिविस्ट पी पी कपूर की कोशिशों से बच गई 2005 पेड़ों की जान

News18 Haryana
Updated: December 22, 2019, 2:54 PM IST
पानीपत में RTI एक्टिविस्ट पी पी कपूर की कोशिशों से बच गई 2005 पेड़ों की जान
आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 10 अगस्त को केन्द्रीय मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को शिकायत भेजी थी.

केन्द्र सरकार के जांच अधिकारी ने पीडब्लयूडी (PWD Department) विभाग पानीपत द्वार सीएम मनोहरलाल खट्टर (Cm Manohar Khattar) अनाउसमेंट के तहत बनाई जाने वाली इस सड़क की स्कीम को गैरजरूरी बताते हुए वृक्षों को काटने की स्वीकृति ना देने की सिफारिश की है. अब 2005 पेड़ कटने से बच जाएंगे.

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पानीपत. जीटी रोड से बरसत रोड पुल तक ड्रेन न. 2 की पट्टी पर लगे 2005 वृक्षों (Saved Two Thousand Trees) को काटकर सड़क बनाने की योजना पर आरटीआई एक्टिविस्ट (RTI Activist P P Kapoor) ने पलीता लगा दिया है. अब यहां लगे कुल 2005 हरे भरे वृक्ष कटने से बच जाएंगे. केन्द्र सरकार के जांच अधिकारी ने पीडब्लयूडी विभाग पानीपत द्वार सीएम मनोहरलाल खट्टर अनाउसमेंट के तहत बनाई जाने वाली इस सड़क की स्कीम को गैरजरूरी बताते हुए वृक्षों को काटने की स्वीकृति ना देने की सिफारिश की है.

पीडब्ल्यूडी विभाग यहां 33 फीट चौड़ी सड़क बनाना चाहता है

आरटीआई एक्टिविस्ट पीपी कपूर ने 10 अगस्त को केन्द्रीय मंत्री पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को शिकायत भेजी थी. शिकायत में आरोप लगाया था कि सीएम घोषणा के तहत पीडब्लयूडी पानीपत के अधिकारी ड्रेन न. 2 के किनारे लगे हजारों वृक्षों को काटने जा रहे हैं. पीडब्लयूडी विभाग यहां 33 फीट चौड़ी सड़क बनाना चाहता है, जबकि इस प्रस्तावित सड़क के साथ 100 फीट चौड़ी सड़क पहले से ही मौजूद है. बेवजह इन हरे भरे हजारों वृक्षों को काटने से पहले से खराब पानीपत के पर्यावरण को भारी नुकसान होगा. इसे तत्काल रोका जाए. इसके विरूद्ध पी. पी. कपूर ने हजारों इश्तहार भी बांटे.

आरटीआई एक्टिविस्ट को पुलिस ने तीन घंटे हिरासत में रखा

कपूर ने आरटीआई आवेदन लगाकर सूचनाएं इकट्ठी की. गत 23 अगस्त को जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर के समालखा आगमन पर पर्चे बांटते हुए कपूर को समालखा पुलिस ने पकड़कर तीन घंटे तक पुलिस हिरासत में भी रखा था.

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यहां लगे कुल 2005 हरे भरे वृक्ष कटने से बच जाएंगे.


इस प्रक्रिया से बचाए गए पेड़कपूर की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जयवायु परिवर्तन मंत्रालय के महानिदेशक ने क्षेत्रीय कार्यलय चंडीगढ़ से मौका की जांच रिपोर्ट तलब की. गत 27 नवम्बर को केन्द्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रायल के टेक्निकल ऑफिसर रवीन्द्र सिंह ने वन विभाग, पीडब्लयूडी विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारियों व शिकायतकर्ता सहित मौका पर पहुंचकर जांच की. मौका पर निरीक्षण के वक्त डिवीजनल फॉरेस्ट ऑफिसर निवेदिता, पीडब्लयूडी विभाग के एसडीओ एसपी सिंगला, सिंचाई विभाग के जेई रीश कुमार व शिकायतकर्ता पीपी कपूर मौजूद रहे. इस जांच रिपोर्ट को मंत्रालय के रीजन ऑफिस चंडीगढ़ के डीआईजी (फॉरेस्ट) एसडी शर्मा ने 11 दिसंबर को भारत सरकार को भेज दिया है.

जांच रिपोर्ट व सिफारिशें

सिंचाई विभाग के स्वामित्व वाली संरक्षित वन क्षेत्र घोषित भूमि पर कुल 2005 वृक्ष लगे हैं. प्रस्तावित सड़क निर्माण के मौका से मात्र 90 मीटर की दूरी पर 100 फीट चौड़ी वैकल्पिक सड़क पहले से ही मौजूद है. सड़क चौड़ी करने का कोई प्रस्ताव फॉरेस्ट कंर्जेवेशन एक्ट-1980 के तहत अनुमति के लिए वन विभाग पानीपत को प्राप्त भी नहीं हुआ है, इसलिए सेक्टर 18 के साथ जीटी रोड से बरसत रोड पुल तक संरक्षित वन्य क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. भविष्य में संरक्षित वन्य क्षेत्र में (जीटी रोड से बरसत रोड तक) सेक्टर 18 की सड़क के चौड़ीकरण का कोई प्रस्ताव भारत सरकार को वन्य संरक्षण अधिनियम 1980 के सेक्शन-2 के तहत पूर्व अनुमति लेने के लिए मिलता भी है तो उस पर विचार नहीं होगा क्योंकि मौका पर वैकल्पिक रोड पहले से ही मौजूद है.

(पानीपत से सुमित भारद्वाज की रिपोर्ट)

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First published: December 22, 2019, 2:51 PM IST
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