मंदिर में पढ़ाई करके पोस्टमास्टर का बेटा बना IAS, गांव में बच्चों को पढ़ाता था ट्यूशन
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मंदिर में पढ़ाई करके पोस्टमास्टर का बेटा बना IAS, गांव में बच्चों को पढ़ाता था ट्यूशन
शक्ति के पिता गांव में ही स्थित डाकघर में बतौर पोस्टमास्टर कार्यरत हैं.

शक्ति सिंह आर्य (Shakti Singh Arya) बताते हैं कि परिजनों की प्रेरणा और मेहनत से हासिल किए गए मुकाम से वह बेहद खुश हैं. उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश से होने के कारण कुछ दिक्कतें भी आईं.

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(रिपोर्ट- सुमित)

पानीपत. कामयाबी एक ऐसा शब्द है जो हर इंसान को अच्छा लगता है. इसके लिए वैसे तो सभी लोग काफी मेहनत करते हैं ताकि वह अपने लक्ष्य में कामयाब हो सकें. लेकिन कुछ लोग ही ऐसे होते हैं जिनके हौसले और इरादे इतने बुलंद होते हैं कि वह अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर लक्ष्य को प्राप्त कर ही लेते हैं. ऐसे जुनूनी लोग न केवल अपने सपनों को पूरा करते हैं बल्कि दूसरों के लिए भी सफलता की नई मिसाल कायम कर देते हैं. कहते हैं कि लहरों से डरकर कभी नौका पार नहीं होती. कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती. ऐसा ही एक कारनामा कर दिखाया है पानीपत (Panipat) के डिडवाड़ी गांव (Didwadi Village) के रहने वाले शक्ति सिंह आर्य ने. शक्ति सिंह आर्य (Shakti Singh Arya) ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा परिणामों में 587वा रैंक हासिल कर अपने  सपनों को एक नई उड़ान दी है.

शक्ति सिंह बताते हैं कि परिजनों की प्रेरणा और मेहनत से हासिल किए गए मुकाम से वह बेहद खुश हैं. उन्होंने बताया कि ग्रामीण परिवेश से होने के कारण कुछ दिक्कतें भी आईं, लेकिन मन में दृढ़ इच्छा शक्ति और लगन हो तो तरीके निकल ही आते हैं. शक्ति सिंह ने बताया कि उन्होंने कभी भी समय को व्यर्थ नहीं किया बल्कि खाली समय में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर और मंदिर में बैठकर पढ़ाई कर उसका सदुपयोग किया.



पिता गांव में ही स्थित डाकघर में बतौर पोस्टमास्टर कार्यरत हैं
शक्ति के पिता गांव में ही स्थित डाकघर में बतौर पोस्टमास्टर कार्यरत हैं. उन्होंने बताया कि उनके बेटे ने विपरीत परिस्थितियों में मेहनत के बल पर अच्छा मुकाम हासिल कर परिवार व गांव का जिले का नाम रोशन किया है. उन्होंने कहा कि अनुकूल परिस्थितियों में तो अनेकों लोग सफलता हासिल करते हैं. लेकिन चर्चा उन लोगों की होती है जो प्रतिकूल परिस्थितियों में भी संघर्ष की राह नहीं छोड़ते हैं. इसलिए शक्ति सिंह की सफलता पर पूरा परिवार गर्व महसूस कर रहा है.
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