किसान आंदोलन को दिल्ली बॉर्डर से जींद शिफ्ट करवाना चाहती है केंद्र सरकार, राकेश टिकैत का दावा

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत. (एएनआई फाइल फोटो)

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत. (एएनआई फाइल फोटो)

Farm Laws Kisan Aandolan: तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और एमएसपी के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ हजारों किसान कई दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.

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जींद. संयुक्त किसान मोर्चा नेता राकेश टिकैत ने बृहस्पिवार को दावा किया कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन को दिल्ली के विभिन्न सीमा क्षेत्रों से हटाकर जींद स्थानांतरित करवाना चाहती है, किंतु उसकी चाल को किसान कामयाब नहीं होने देंगे.


टिकैत ने यहां जींद और नरवाना के बीच स्थित खटकड़ टोल पर किसानों को संबोधित करते हुए कहा, ‘केंद्र सरकार दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहे किसान आंदोलन को जींद के आस-पास शिफ्ट करवाना चाहती है. दिल्ली के बॉर्डरों पर चल रहा किसानों का धरना वहीं पर जारी रहेगा. जो केंद्र सरकार की चाल है उसको कामयाब नहीं होने देंगे. हम दिल्ली को किसी सूरत में नहीं छोड़ेंगे.’


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उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा में भी चल रहा आंदोलन जारी रहेगा. टोहाना पुलिस द्वारा पकड़े गए किसानों को लेकर राकेश टिकैत ने कहा, ‘जो पकड़े गए वो हमारे ही बच्चे हैं. वो विधायक के आवास का घेराव करने चले गए होंगे. सब आंदोलन का ही हिस्सा है वो हमारे हैं, हम उन्हें समझाएंगे.’ उन्होंने हाल में उत्तर प्रदेश में हुए पंचायत के चुनाव में भाजपा द्वारा कम सीटें जीतने की ओर ध्यान दिलाते हुए दावा किया यह पार्टी 2022 के विधानसभा चुनाव भी हारेगी क्योंकि राज्य सरकार ने कोई काम नहीं किया.


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उन्होंने दावा कि राज्य में आज भी गन्ना किसानों का 23 हजार करोड़ रुपए बकाया है. टिकैत ने कहा कि पांच जून को तीनों नए कृषि कानूनों के बनने के एक साल पूरे होने पर देश भर में भाजपा एवं उनके सहयोगी दलों के सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के आवास के बाहर किसान तीनों कानूनों की प्रतियां जला कर रोष प्रकट करेंगे.





इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा ने गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा था कि टोहाना विधायक देवेंद्र सिंह बबली के घर का घेराव करने जा रहे लोगों के साथ संयुक्त मोर्चा नहीं है. वे बागी हो गए हैं. कुछ लोग अपनी राजनीति चमका रहे हैं. संयुक्त मोर्चा का आह्वान उपद्रव फैलाने का नहीं है.

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