रेवाड़ी गैंगरेप केस: 4 आरोपी जमानत पर बाहर, पीड़िता को मिल रही जान से मारने की धमकी

पीड़िता ने जान से मारने की धमकी मिलने का आऱोप लगाया है.
पीड़िता ने जान से मारने की धमकी मिलने का आऱोप लगाया है.

हरियाणा के रेवाड़ी में 18 साल की एक सीबीएसई टॉपर से गैंगरेप (Gangrape) किया गया था. अब दो साल भी पीड़िता को न्याय नहीं मिला है. पीड़िता का कहना है कि अब उसे जान से मारने की धमकी मिल रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 21, 2020, 5:22 PM IST
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चंडीगढ़. हरियाणा के रेवाड़ी (Rewari Gangrape Case) में 18 वर्षीय सीबीएसई टॉपर छात्रा को अभी भी न्याय की दरकार है. घटना के दो साल बाद पीड़िता डर के साए को जीने को मजबूर है, क्योंकि चार या आठ आरोपी जमानत पर बाहर हैं. पीड़िता का कहना है कि आरोपियो ने परिवार पर हमला करने की धमकी दी है. भले ही मामला फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो, लेकिन पिछले दो सालों से मामले की तफ्तीश बेहद सुस्त गति से चल रही है. रेवाड़ी रेप कांड पीड़िता का कहना है कि “मैं इस डर के साथ रहता हूं कि कोई हमारे दरवाजे पर दस्तक देगा और सब कुछ खत्म कर देगा.  वे अब भी धमकी देते हैं कि हम में से चार जमानत पर बाहर हैं, बाकि चार भी जल्द ही बाहर होंगे. उन्होंने मेरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी है'.

मालूम हो कि 18 वर्षीय पीड़िता एक सीबीएसई टॉपर थी. जब वह अपने कोचिंग जा रही थी तब उसका अपहरण कर उसके साथ बलात्कार किया गया था. इस मामले ने देशव्यापी सुर्खियां बटोरी थी क्योंकि पीड़िता सीबीएसई की टॉपर थी और हरियाणा के बेटी बचाओ बेटी पढाओ अभियान के लिए एक आइकन की तरह थी. उन्हें एक बार खुद प्रधानमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया था और वह राज्य स्तर की कबड्डी चैंपियन थीं. 

पीड़िता ने लगाा धमकी मिलने का आरोप



पीड़िता ने कहा. “एक समय था जब मेरा जीवन पढ़ाई, स्कूल होमवर्क और परीक्षा में अच्छे नंबर लाने के इर्द-गिर्द घूमता था. लेकिन उस एक घटना से सब बदल दिया. अब हर पल एक डर सा लगा रहा था. दरवाजे पर हर दस्तक, हर असामयिक फोन कॉल, घर के पास से गुजरने वाला हर अनजान व्यक्ति डर का एक अहसास देता है. मुझे लगता है इन दो सालों में मैं एक भी रात चैन की नींद नहीं सोई. अब इस दहशत के साथ जीना सीखना मजबूरी बनता जा  रहा है''.
पीड़िता का कहना है कि दो साल बाद अब कोई फोन कॉल नहीं आता न कोई मिलने आता है. सरकारी नौकरी का वादा अभी भी अधूरा है. इस साल अगस्त में 8 आरोपियों में से 4 जमानत पर बाहर हैं. इसके बाद से लगातार धमकियां मिल रही हैं''.

पीड़िता की मां ने सुनाई आप बीती

पीड़ित की मां बताती है कि लॉकडाउन में काफी मुश्किल हुई. आरोपियों और उनका घर एक ही गांव में है. वे उस गांव में  अलग-थलग महसूस करते थे. मां का आरोप है कि  एक आरोपी ने दूधवाले और सब्जी बेचने वाले को धमकी दी कि वे उनके घर में सप्लाई बंद कर दे. तब काफी दिनों तक परेशानियों का सामना करना पड़ा. हालांकि स्थानीय पुलिस ने दूध सप्लाई बंद  करने के आऱोपों को नकार दिया है लेकिन ये जरूर माना है कि परिवार ने धमकी मिलने की शिकायत की थी. पुलिस चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार ने आरोपी परिवार का दौरा भी किया. उन्होंने कहा कि परिवार की सुरक्षा के लिए नियमित जांच की जाती है.
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