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1 साल 5 महीने चला ट्रायल, कोर्ट में पेश हुए 64 गवाह, जानें- जज की बीवी-बेटे की हत्या की पूरी कहानी
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News18 Haryana
Updated: February 7, 2020, 7:40 PM IST
1 साल 5 महीने चला ट्रायल, कोर्ट में पेश हुए 64 गवाह, जानें- जज की बीवी-बेटे की हत्या की पूरी कहानी
गनमैन महिपाल को हो गया था पकड़े जाने का एहसास

एसआईटी जांच (SIT inspection) में सामने आया था कि आर्केडिया मार्केट में वारदात को अंजाम देने के बाद महिपाल ने जज (Judge) की गाड़ी में फरार होने के बाद जज समेत कई लोगों को कॉल की थी.

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गुरुग्राम. एडीजे कृष्णकांत की पत्नी और बेटे की हत्या करने के बाद गनमैन महिपाल (Gunman Mahipal) को शायद जल्द पकड़े जाने का अहसास हो गया था. करीब 1 साल 5 महीने चली इस सुनवाई में जिला अदालत (District Court) ने शुक्रवार को इस मामले में फैसला सुनाया है. जिला अदालत ने हत्या की धारा 302 के तहत फांसी की सजा का ऐलान किया है. तो वहीं बाकी धाराओं में अलग अलग सजा और जुर्माने का भी ऐलान किया है. इस पूरे मामले में कोर्ट में 64 गवाहों की गवाही पर ये फैसला सुनाया गया.

हत्या करने के बाद किया था पत्नी को कॉल

दोषी महिपाल ने हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद ही उसने पत्नी को कॉल कर कहा था कि तुम दोनों बच्चों और मां को लेकर गांव चली जाओ. पत्नी के कारण पूछने पर बिना कुछ बोले कॉल काट दी. महिपाल ने जज को भी खुद फोन कर बताया था कि उसने उसकी पत्नी और बेटे को गोली मारी है.

जांच में सामने आई थी ये बातें

एसआईटी जांच में सामने आया था कि आर्केडिया मार्केट में वारदात को अंजाम देने के बाद महिपाल ने जज की गाड़ी में फरार होने के बाद जज समेत कई लोगों को उसने कॉल की थी. वह लगातार सबको कॉल करने के अलावा सभी के कॉल रिसीव भी कर रहा था. महिपाल अपनी पत्नी, दो बेटियों और मां के साथ पुलिस लाइन में स्टाफ क्वार्टर में रहा रहा था. वारदात के बाद पत्नी विकास उर्फ मीनू को कॉल की और कहा- "तुम दोनों बेटियों और मां को लेकर गांव (कोसली) चली जाओ."

वारदात के चंद घंटों बाद पुलिस ने कर लिया था गिरफ्तार 

घटना के डेढ़ घंटे के भीतर महिपाल को गिरफ्तार कर लिया गया था. मृत्यु से पहले न्यायाधीश कृष्णकांत को उनकी पत्नी रितु ने बताया था कि वे लोग पेंटिंग का फ्रेम चढ़वाने पहुंचे थे. कुछ ही देर में फ्रेम चढ़वाकर वे कार के पास पहुंचे. कार में रखने के दौरान पेंटिग में चोट लग गई. इस पर ध्रुव ने महिपाल से चाबी मांगी. इतनी सी बात पर वह तैश में आ गया और गोलियां चला दीं.
बीच बाजार मारी थी गोली


जज को भी फोन कर खुद दी जानकारी

महिपाल ने ही फोन करके न्यायाधीश कृष्णकांत को गोली मारने की जानकारी दी थी. आरोपित के खिलाफ आईपीसी 302 एवं 201 के साथ ही आ‌र्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत चार्ज फ्रेम किया गया. आरोपी के खिलाफ कुल 81 गवाह बनाए गए थे. इनमें से 64 लोगों की गवाही कराई गई. तीन न्यायाधीशों ने भी गवाही दी थी. अंतिम गवाही मामले के जांच अधिकारी व सेक्टर-50 थाने के तत्कालीन प्रभारी सुरेंद्र सिंह की हुई थी.

महिपाल ने रखा था अपना पक्ष

सुनवाई के दौरान 16 दिसंबर 2019 को महिपाल का पक्ष लिखा गया. उसने कहा कि कार में पेंटिंग रखने के दौरान उसमें चोट लग गई थी. इससे नाराज ध्रुव ने उसे गालियां देनी शुरू कर दी थीं. फिर कार की चाबी मांगी. मना करने पर दोनों में गुत्थम गुत्था हो गई. उसी दौरान ध्रुव ने रिवाल्वर छीनने का प्रयास किया, जिसकी वजह से फायरिंग हो गई.

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First published: February 7, 2020, 6:41 PM IST
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