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रेवाड़ी: ग्रामीणों के अल्टीमेटम के बाद किसान आंदोलनकारियों ने खाली किया दिल्ली-जयपुर हाईवे

ग्रामीणों ने किसानों का धरना खत्म करवा दिया
ग्रामीणों ने किसानों का धरना खत्म करवा दिया

Kisan Aandolan: आंदोलन की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर बैठे किसानों के विरोध में हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन और स्थानीय दुकानदार भी लामबंद हुए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 28, 2021, 5:31 PM IST
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रेवाड़ी. दिल्ली-जयपुर हाईवे (Delhi-Jaipur Highway) पर मसानी बैराज के पास बैठे किसान (Farmer) वापस जयसिंहपुर खेड़ा लौट गए हैं. बुधवार सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत कर प्रदर्शनकारियों को अल्टीमेटम दिया था. दिल्ली में हुई घटना से स्थानीय लोगों में गुस्सा था, जिसके बाद आंदोलनकारियों को कहा गया कि स्थानीय लोग आंदोलन में शामिल नहीं इसलिए इस इलाके को खाली कर दिया जाए. आंदोलन की वजह से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था. जयसिंहपुर खेड़ा बॉर्डर पर बैठे किसानों के विरोध में हरियाणा पेट्रोल पंप एसोसिएशन और ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन और स्थानीय दुकानदार भी लामबंद हुए.

बता दें कि धवार को करीब 20 गांव के लोगों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया. किसानों का कहना है कि वे दिल्ली में लाल किले पर हुई घटना के बाद से बहुत आहत हैं और इस जगह से यह आंदोलन खत्म होना चाहिए. गांव वालों के अल्टीमेटम के बाद दिल्ली-जयपुर हाइव पर प्रदर्शन कर आंदोलनकारी भी मौके से हट गए. ग्रामीणों का कहना है कि देश की राजधानी में जो कुछ हुआ है वह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.





ग्रामीणों को हो रही थी परेशानी
20 गांव के लोगों का कहना है कि हाईवे खाली करने के लिए अल्टीमेटम दे दिया गया था. इस दौरान पुलिस भी मौके पर पहुंच गई. ग्रामीणों का कहना है कि डेढ़ महीने से मसानी बैराज पर किसान आंदोलन के कारण बिजली, पानी और आवाजाही सहित कई कामों में परेशानी हो रही थी. खेतों में खड़ी फसल भी खराब हो चली है. ऊपर से किसान आंदोलन के नाम पर गणतंत्र दिवस के मौके पर देश की राजधानी में जो घिनौना काम हुआ वह सहन नहीं किया जाएगा.
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