अब BPL प्‍लॉट की जमीन को लेकर इन दो राज्‍यों में सीमा विवाद, जानें पूरा मामला
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अब BPL प्‍लॉट की जमीन को लेकर इन दो राज्‍यों में सीमा विवाद, जानें पूरा मामला
तत्कालीन कांग्रेस सरकार की योजना के तहत टांकड़ी पंचायत की तरफ से 115 बीपीएल परिवारों को 100-100 वर्ग गज के प्लॉट्स रजिस्ट्री कराई गई थी. (सांकेतिक फोटो)

हरियाणा और राजस्‍थान (Haryana & Rajasthan) की पंचायतें जमीन के कुछ हिस्‍से को लेकर आमने-सामने आ गए हैं.

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रेवाड़ी. इन दिनों देश में सीमा विवाद को लेकर हर तरफ बहस हो रही है. चाहे भारत-चीन का (India-China) सीमा विवाद हो या फिर भारत-नेपाल (Indo-Nepal) का, हर किसी के जुबान पर इसी को लेकर चर्चा है. लेकिन क्या आपको मालूम है कि इन अंतरराष्ट्रीय सीमा विवादों के अलावा देश के अंदर भी कई राज्यों के बीच सीमा विवाद चल रहा है. जी हां! हम बात कर रहे हैं हरियाणा और राजस्थान के बीच उपजे सीमा विवाद के बारे में. हरियाणा के रेवाड़ी स्थित टांकड़ी पंचायत में कुछ जमीन पर राजस्थान ने अपना दावा ठोक दिया है. इससे इन दोनों राज्यों के बीच सीमा विवाद का मामाला उत्पन्न हो गया है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन कांग्रेस सरकार की योजना के तहत टांकड़ी पंचायत की तरफ से 115 बीपीएल परिवारों के लिए 100-100 वर्ग गज के प्लॉट्स की रजिस्ट्री कराई गई थी, लेकिन इन प्लॉट्स पर कब्जा नहीं लिया गया था. जब पंचायत ने इन प्लॉट्स पर कब्जा लेने की कोशिश की तो राजस्थान के अलवर जिले की कांकर पंचायत ने उस जमीन पर अपना दावा ठोक दिया. हालांकि, कांकर पंचायत ने केवल 200 मीटर की जमीन पर ही अपना दावा ठोका है. वहीं, टांकड़ी पंचायत ने राजस्थान की पंचायत के दावे को गलत बताया है. पंचायत का कहना है कि उसने इस संबंध में अधिकारियों को अवगत करा दिया है. उनकी पैमाइश को ही सही माना जाएगा.

टांकड़ी पंचायत की यह जमीन राजस्थान सीमा पर
जानकारी के मुताबिक, टांकड़ी पंचायत की यह जमीन राजस्थान सीमा पर पहाड़ के पास है. पंचायत ने वहां पर साल 2011 में 3 एकड़ जमीन को इन प्लॉटों के रिजर्व कर दिया था. फिर पंचायत ने इस जमीन पर 115 परिवारों के प्लॉटों की रजिस्ट्री भी करा दी. चूंकि यह जमीन पहाड़ के पास है और सीमा से सटी हुई है. ऐसे में जब कुछ परिवारों ने जमीन की सफाई शुरू की तो कांकर पंचायत ने अपने अधिकारियों को शिकायत कर दी. शिकायत में कहा कि हरियाणा की पंचायत की तरफ से 200 मीटर उनकी जमीन की सफाई करके डी-मार्केशन कर दी गई है.
राजस्थान-गुजरात में भी सीमा विवाद


बता दें कि रविवार को राजस्थान-गुजरात सीमा विवाद को लेकर खबर सामने आई थी. तब कहा जा रहा था कि करीब 64 साल पुराने राजस्थान-गुजरात सीमा विवाद को सुलझाने की कवायद अब तेज हो गई है. उदयपुर के मांडवा थाना इलाके के झांझर गांव की क्यारी फला में करीब 200 बीघा जमीन को लेकर विवाद है. इस जमीन पर दोनों ही राज्यों के किसान दावा करते आ रहे हैं.

इसी जमीन को उदयपुर के मांडवा के किसान अपनी बताते हैं
यह 200 बीघा जमीन उदयपुर के मांडवा के किसान अपनी बताते हैं, तो गुजरात के साबरकांठा जिले की पोसीना तहसील के कालिकाकर पंचायत के गवरी फला गांव के किसान इसे अपना बता रहे हैं. इसे लेकर वर्ष 1955 से विवाद चल रहा है. करीब 64 साल से चल रहा यह विवाद सिर्फ किसानों के बीच का नहीं है, बल्कि राजस्थान और गुजरात राज्यों के बीच भी है क्योंकि यह 200 बीघा जमीन दोनों तरफ के राजस्व खाते में दर्ज है.

 

 
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