हरियाणा: स्कूल संचालकों की खट्टर सरकार को दो टूक, नहीं करेंगे स्कूल बंद, फैसला ले वापस

स्कूलों संचालकों का कहना है कि कोरोना के नाम पर स्कूलों पर ताला क्यों? हो स्मपूर्ण लॉकडाउन

स्कूलों संचालकों का कहना है कि कोरोना के नाम पर स्कूलों पर ताला क्यों? हो स्मपूर्ण लॉकडाउन

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद से ही हरियाणा के निजी स्कूल संचालकों ने आदेश का विरोध शुरू कर दिया है. निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि अगर सरकार नहीं मानेगी तो ये ललकार है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 12, 2021, 9:00 AM IST
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रेवाड़ी. दोबारा कोरोना वायरस के बढ़ते केसों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों की पहली से आठवीं कक्षा के स्कूलों को 30 अप्रैल तक बंद करने का आदेश जारी किया है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जब इस आदेश की घोषणा की थी तभी से प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था.

प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने बैठक करके सरकार को दो टूक कह दिया है कि वो स्कूलों को किसी भी हाल में बंद नहीं करेंगे. एसोसिएशन का कहना है कि जब बाजार, मॉल, सिनेमा घर, होटल आदि सभी सेवाएं चल रही है तो केवल स्कूलों पर ही क्यों डंडा चलाया जा रहा है.

प्राइवेट स्कूलों का कहना है की सरकार अगर सम्पूर्ण लॉकडाउन करे या उनके स्टाफ का आधा वेतन सरकार दे तो वो ये आदेश मान लेने के लिए तैयार है. लेकिन ऐसे आदेशों को सरकार उनपर थोपना चाहेगी तो वो सरकार से टकराने को भी तैयार है. लेकिन स्कूल बंद नहीं करेंगे.

सरकार दे रही ये तर्क
वहीं सरकार कह रही है कोरोना वायरस विकराल हो गया है. कोरोना की ये दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है. स्कूल खोलकर बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते. सरकार के इस तर्क का जवाब भी निजी स्कूलों ने दिया है. इनका कहना है कि संपूर्ण लॉकडाउन कर दें हम उसका पालन करेंगे पर ये गलत है कि सब खुला है और सिर्फ स्कूलों को बंद करने का फैसला ले लिया.

एक बात यह भी कही जा रही है कि निजी स्कूल संचालको को बच्चों की पढ़ाई से ज्यादा चिंता अपनी आमदनी और स्टाफ के वेतन की है. लेकिन ये नहीं भूलना चाहिए कि जो महामारी अब तक दुनियाभर में करोड़ों लोगों का काल बनकर कोहराम मचा चुकी है वो अभी गई नहीं है बल्कि यूटर्न लेकर पहले से ज्यादा खतरनाक दस्तक देकर डरा रही है.
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