जाट आरक्षण को नजर अंदाज करना भाजपा को पड़ा भारी : प्रेमलता

'सरकार बेशक बन गई, पर भाजपा अपनी गलती को महसूस कर रही है'

प्रेमलता (Prem Lata) ने इस दौरान कैप्टन अभिमन्यु (Captain Abhimanyu) के आवास पर तोड़फोड़ मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि युवाओं से जोश में गलती हो जाती है और उन्हें माफ (Forgive) कर देना चाहिए.

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रोहतक. भाजपा की पूर्व विधायक एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह (Chaudhary Birender Singh) की पत्नी प्रेमलता (Prem Lata) का कहना है कि जाट आरक्षण (Jat Reservation) को नजरंदाज करना भाजपा (BJP) को विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) में भारी पड़ा. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बेशक बन गई है, पर भाजपा अपनी गलती को महसूस कर रही है. आरक्षण जाटों का अधिकार है और ये उन्हें मिलना चाहिए.

प्रेमलता ने इस दौरान कैप्टन अभिमन्यु के आवास पर तोड़फोड़ मामले का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि युवाओं से जोश में गलती हो जाती है और उन्हें माफ कर देना चाहिए. अब बहुत हो चुका, सरकार युवाओं को जेल से बाहर निकाले. उनको नौकरी भी दे ताकि वे मुख्यधारा में आ सकें. बता दें कि प्रेमलता चौधरी छोटूराम जयंती पर जसिया पहुंची थीं.

बनाई जाएगी आंदोलन की रणनीति

बता दें कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की तरफ से जसिया गांव के छोटूराम धाम पर चौधरी छोटूराम जयंती समारोह मनाया गया. समारोह में कई प्रदेशों के लोगों ने भाग लिया. समारोह में निर्णय लिया गया कि जाट आरक्षण और केस वापसी समेत अन्य मांगों को लेकर दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह में आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी.

जाट नेता यशपाल मलिक ने कही ये बात

इस दौरान यशपाल मलिक ने कहा कि अब प्रदेश में नई सरकार का गठन हो चुका है प्रदेश की जनता ने उन जाट विधायकों और गैर जाट विधायकों को नकार दिया है, जिन्होंने अपनी राजनीतिक मंशा के लिए भाईचारा बिगाड़ा है. अब नई सरकार से मांग की जाती है कि आंदोलन के दौरान दर्ज हुए सभी केसों को वापस लिया जाए.

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