सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर की मुश्किलें बढ़ी, पुलिस ने दर्ज किया केस

12 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के दिन रोहतक के एक बूथ पर सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस नेता बीबी बतरा के बीच में झगड़ा हुआ था.

Dheerendra Chaudhary | News18 Haryana
Updated: July 31, 2019, 9:11 AM IST
सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर की मुश्किलें बढ़ी, पुलिस ने दर्ज किया केस
मनीष ग्रोवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज
Dheerendra Chaudhary | News18 Haryana
Updated: July 31, 2019, 9:11 AM IST
आखिरकार कोर्ट के दखल के बाद रोहतक पुलिस को सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और रमेश लोहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करनी पड़ी. 12 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के वक्त रोहतक के एक बूथ पर सहकारिता राज्यमंत्री  मनीष ग्रोवर और रमेश लोहार मौजूद थे. उस वक्त काफी हंगामा हुआ था. तकरीबन अढ़ाई महीने बाद पुलिस ने शिवाजी कालोनी थाना में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है.

दरअसल सोमवार को जिला कोर्ट ने शिवाजी कालोनी थाना के एसएचओ को अवमानना का नोटिस जारी कर 31 जुलाई को अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए थे. इन आदेशों के एक दिन बाद ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली. कोर्ट ने इससे पहले 3 जून को सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और रमेश लोहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. लेकिन पुलिस ने आदेशों पर पुनर्विचार करने के लिए सैशन कोर्ट में अर्जी दाखिल की थी, जिसे 24 जुलाई को निरस्त कर दिया गया. इस मामले में निचली अदालत में संबंधित पुलिस अधिकारियों पर भी कोर्ट के आदेशों की अवमानना करने की सुनवाई चल रही है.

लोकसभा चुनाव के दौरान हुआ था झगड़ा

12 मई को लोकसभा चुनाव के दौरान मतदान के दिन रोहतक के एक बूथ पर सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस नेता बीबी बतरा के बीच में झगड़ा हुआ था. बत्तरा ने आरोप लगाया था कि राज्यमंत्री एक हिस्ट्रीशीटर रमेश लोहार के साथ मिलकर बूथ कैप्चरिंग कर रहे हैं. इस दौरान एक विडियो भी वायरल हुआ, जिसमें ग्रोवर के साथ रमेश लोहार भी नजर आ रहे थे.

इस घटना के बाद पुलिस ने रमेश लोहार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था. उनके पास से बिना नम्बर प्लेट की गाडी और हथियार मिले थे. बाद में पुलिस ने उन पर से कई धाराएं हटा दी, जिसके बाद उन्हें जमानत मिल गई. हालांकि 12 मई को ही रोहतक बार एसोसिएशन के प्रधान लोकेन्द्र फौगाट ने भी सहकारिता राज्यमंत्री मनीष ग्रोवर और रमेश लोहार के खिलाफ शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया.

कोर्ट ने दिए आदेश

इसके बाद लोकेन्द्र फौगाट ने कोर्ट में इस्तगासा दायर किया, जिसके बाद कोर्ट 3 जून को मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए. कोर्ट के आदेश के बाद भी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया. फौगाट ने कोर्ट की अवमानना की एप्लिकेशन दायर कर दी, जिस पर फिलहाल सुनवाई चल रही थी कि पुलिस ने सsशन कोर्ट में आदेशों पर पुनर्विचार करने की याचिका दाखिल की, जिसे 24 जुलाई को सैशन कोर्ट ने निरस्त कर दिया था.
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पुलिस ने लगाई ये धाराएं

शिकायतकर्ता लोकेन्द्र फौगाट खुद एफआईआर की कॉपी लेने थाने पहुंचे और बताया कि कैसे कोर्ट के दखल के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की. फिलहाल पुलिस ने एफआईआर नम्बर-517 में आईपीसी की धाराएं - 420, 483, 188, 171-C, 171-F, 166-A, 511, 506/34, 120-B के अलावा 25 आर्म्स एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं.

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First published: July 31, 2019, 9:09 AM IST
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