COVID-19: कोरोना से लड़ने के लिए रोहतक PGI ने शुरू की तैयारियां

कोरोना के बढ़ते खतरे से बचने गोरखपुर में लगेगा नाइट कर्फ्यू.. (प्रतीकात्मक फोटो)

कोरोना के बढ़ते खतरे से बचने गोरखपुर में लगेगा नाइट कर्फ्यू.. (प्रतीकात्मक फोटो)

रोहतक पीजीआई में तकरीबन 1000 स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है कि कोरोना के दौरान किस तरह से अपनी ड्यूटी परफॉर्म की जाए.

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रोहतक. कोरोना वायरस (Corona Virus) के खतरे ने एक बार फिर से दस्तक दी है और प्रदेश में सैकड़ों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं. अभी तक यह पता नहीं चल पाया कि यह स्ट्रेन वही है या कोई दूसरा है. प्रदेश के सबसे बड़े मेडिकल संस्थान रोहतक पीजीआई (Rohtak PGI) ने इसको लेकर सावधानियां बरतनी शुरू कर दी है और संभावित खतरे को देखते हुए मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया जा रहा है. अकेले रोहतक पीजीआई की बात करें तो पिछले एक महीने में लगभग 100 स्वास्थ्य कर्मी कोरोना पॉजीटिव आ चुके हैं. जिनमें ज्यादातर डाक्टर्स और स्टाफ नर्स शामिल हैं.

मरीजों को बेहतर इलाज मिले, इसलिए मेडिकल स्टाफ को एक बार फिर से प्रशिक्षित किया जा रहा है. ट्रॉमा सेंटर को कोविड वार्ड में तब्दील करने की कवायद शुरू कर दी गई है. कोविड की गाइडलाइंस और पीपीई किट के इस्तेमाल को लेकर स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है. मरीजों को किस तरह से बेहतर इलाज दिया जाए और खुद को भी कैसे सुरक्षित रखा जाए, इसको लेकर प्रबंधन की ओर से सभी स्टाफ को जागरूक किया जा रहा है.

पिछले साल जब कोरोनावायरस ने दस्तक दी तो उसके बाद मेडिकल स्टाफ को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. लेकिन इस बार संभावित खतरे को देखते हुए पीजीआई ने पहले से ही सावधानियां बरतनी शुरू कर दी है और पूरे स्टाफ को सचेत किया जा रहा है. तकरीबन 1000 स्वास्थ्य कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है कि कोरोना के दौरान किस तरह से अपनी ड्यूटी परफॉर्म की जाए.

ट्रेनर सुदेश, सुमन और अंजना ने बताया कि वह सभी स्टाफ को कोरोना में ड्यूटी करने संबंधी गाइडलाइंस की जानकारी दे रहे हैं. ताकि मरीजों की देखभाल के साथ-साथ स्टाफ नर्स जोकि किसी भी मेडिकल संस्थान की रीढ़ होती हैं, वह खुद को भी सुरक्षित रख सकें. उन्होंने बताया कि जब पिछले साल कोरोना के मामले बढ़ रहे थे, तब बहुत से स्वास्थ्य कर्मी कोरोना की चपेट में आए थे, लेकिन जिन्होंने ट्रेनिंग ली थी, वे अपने आप को सुरक्षित करने में कामयाब रहे. इस बार फिर से हेल्थ वर्कर फ्रंट लाइन पर आगे आकर कोरोनावायरस से लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
ज्यादातर हेल्थ वर्कर्स को वैक्सीन लगवाई जा चुकी है और जो बाकी हैं उनको भी जल्द वैक्सीन लगवाई जाएगी. ट्रेनिंग का मकसद सिर्फ यही है कि मेडिकल स्टाफ मरीजों की भी अच्छे ढंग से देखभाल करें और खुद भी अपने आप को कोरोना से सुरक्षित रख सके.
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