रोहतक: MDU में 15 सितम्बर से शुरू होंगी विभिन्न विभागों की परीक्षाएं, छात्रों ने अपनी मर्जी से चुना परीक्षा देने का तरीका
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रोहतक: MDU में 15 सितम्बर से शुरू होंगी विभिन्न विभागों की परीक्षाएं, छात्रों ने अपनी मर्जी से चुना परीक्षा देने का तरीका
विद्यार्थियों ने अपनी इच्छा से चुना परीक्षा देने का ये तरीका

ऑनलाइन मोड (Online Mode) के लिए 15 बच्चों का एक ग्रुप होगा, जिनके ऊपर एक निरीक्षक निगरानी करेगा.

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  • Last Updated: September 11, 2020, 2:37 PM IST
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रोहतक. विद्यार्थी असमंजस में थे कि कोरोना काल में परीक्षाएं कैसे होंगी, लेकिन एमडी यूनिवर्सिटी ने अब परीक्षा (Exam) कराने का निर्णय ले लिया है. एमडीयू के परीक्षा नियंत्रक बीएस सिन्धु ने बताया कि 15 सितम्बर (September) से परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है. एमएससी प्रोग्राम, लॉ प्रोग्राम, फार्मेसी, फाइव ईयर इंटीग्रेटेड कोर्स व शास्त्री विभाग की परीक्षा पहले ली जा रही हैं.

परीक्षा से पहले विश्वद्यालय ने विद्यार्थियों से उनकी इच्छा जानी थी कि वो किस माध्यम से परीक्षा में बैठने के लिए सक्षम हैं. जिसके बाद विद्यार्थियों की इच्छा अनुसार उनकी परीक्षा ली जा रही है. सुविधानुसार ऑनलाइन व ऑफलाइन मोड़ विद्यार्थियों ने चुना है.

परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि ऑफलाइन परीक्षा के लिए जिलों में सेंटर निर्धारित किए गए हैं. विद्यार्थियों को अपने सेंटर में पहुंचना होगा और सभी एहतियातों का ध्यान रखते हुए परीक्षा केन्द्र में बैठना होगा. वहीं, उनके लिए इस बार चुनौती ऑनलाइन परीक्षा कराने की है. उन्होंने बताया कि ऑनलाइन मोड के लिए 15 बच्चों का एक ग्रुप होगा, जिनके ऊपर एक निरीक्षक निगरानी करेगा.



विद्यार्थियों को परीक्षा के तय समय से आधा घंटा पहले ऑनलाइन कनेक्ट होना अनिवार्य रहेगा. उसके बाद प्रिंसिपल से होते हुए निरीक्षक के जरिए विद्यार्थियों की मेल आईडी पर प्रश्न पत्र भेजा जायेगा. इस दौरान विद्यार्थियों और निरीक्षक दोनो को ऑडियो और वीडियो चालू रखनी होगी, ताकि सही तरीके से निगरानी की जा सके. परीक्षा समय ख़त्म होने के बाद विद्यार्थियों को 30 मिनट के भीतर उत्तर पत्रिका की पीडीएफ बनाकर दोबारा निरीक्षक के मेल पर भेजना होगा.
इसी बीच विद्यार्थियों को परीक्षा का माध्यम बदलने का भी ऑप्शन दिया गया है. यदि छात्र एग्जाम मोड बदलना चाहते हैं तो उन्हें अपने निरीक्षक या प्रिंसिपल को पहले से सूचित करना होगा. यूनिवर्सिटी के पास सभी विद्यार्थियों का रिकॉर्ड रहेगा. एक सवाल के जवाब में बीएस सिन्धु ने कहा कि यदि परीक्षा के दौरान तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तो एमडीयू प्रशासन इसके समाधान के लिए पहले से तैयार रहेगा.
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