Farmer Protest: खाप पंचायतों ने किया हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल का सामाजिक बहिष्कार!

हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल के सामाजिक बहिष्कार का फैसला है.

Rohtak News: बुधवार को खाप पंचायतों ने बैठक में हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal)  के सामाजिक बहिष्कार का भी फैसला लिया गया है. इसके साथ ही जेपी दलाल द्वारा किसानों को लेकर दिए बयान की निंदा भी की है. 

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रोहतक. किसान आंदोलन (Farmer Protest) के समर्थन में बुधवार को रोहतक के जाट भवन में विभिन्न खाप पंचायतों (Khap Panchayat) के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई. इस दौरान किसानोंं को लेकर दिए गए हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल (JP Dalal) के बयान की निंदा की गई. बैठक में खाप पंचायतों ने जेपी दलाल के  सामाजिक बहिष्कार (Social Exclusion) का भी फैसला लिया. गौरतलब हो कि कृषि मंत्री ने अपने एक बयान में कहा था कि किसानों की मौत बीमारी की वजह से हो रही है.  कृषि मंत्री जेपी दलाल द्वारा आंदोलनरत किसानों की मौत पर दिए गए विवादित बयान के बाद काफी हंगामा हुआ था. सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने प्रदर्शन भी किया था.

खाप पंचायतों की बैठक में फैसला लिया गया कि संयुक्त किसान मोर्चा जो भी फैसला लेगा, खाप पंचायतें उसी का समर्थन करेंगी. इसके अलावा कोई भी खाप पंचायत अपनी तरफ से कोई भी निर्णय नहीं लेंगी. बुधवार को हुई में पंचायत में प्रदेशभर से 50 से ज्यादा खाप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था.

खाप पंचायतों का बड़ा फैसला

बैठक की अध्यक्षता खाप-84 के प्रधान हरदीप सिंह अहलावत ने की. सभी खाप प्रतिनिधियों ने अपनी-अपनी बातें रखी और किसान आंदोलन में सहयोग को लेकर अपने सुझाव दिए. बैठक में हुए फैसलों की जानकारी देते हुए खाप चौरासी के प्रधान हरदीप अहलावत और सांगवान खाप के प्रधान एवं विधायक सोमवीर सांगवान ने कहा कि खाप पंचायतें किसान आंदोलन का पूरी तरह से समर्थन करती हैंं. संयुक्त किसान मोर्चा जो भी फैसला लेगा, उसी के मुताबिक कदम उठाए जाएंगे. खाप पंचायतों को लेकर कुछ दुष्प्रचार किया जा रहा है कि वे मध्यस्था करेंगी. हम साफ कर देना चाहते हैं कि जो भी फैसला लिया जाएगा, वह संयुक्त किसान मोर्चा तय करेगा. इसके अलावा कोई भी व्यक्ति या संगठन किसान आंदोलन को लेकर सरकार से कोई बातचीत नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि आज की इस बैठक मेंं हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल के सामाजिक बहिष्कार का भी फैसला लिया गया है.

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टिकरी बॉर्डर पर किसान की मौत

इधर मंगलवार देर शाम टिकरी बॉर्डर पर एक और किसान की मौत हो गई. मृतक किसान की पहचान 64 वर्षीय शमशेर सिंह के रूप में हुई है. शमशेर सिंह पंजाब के लुधियाना जिले का रहने वाला था. टिकरी बॉर्डर पर मामा चौक के पास मृतक किसान की ट्रॉली है. यही रह कर शमशेर किसान आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभा रहा था. किसान की मौत का कारण ह्रदय गति रुकना बताया जा रहा है. बता दें कि किसान आंदोलन के दौरान अब तक 35 से ज्यादा किसानों की टिकरी बॉर्डर पर मौत हो चुकी है.

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