खुशखबरी! किसानों की 'किस्‍मत' बदलने के लिए हरियाणा सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बस करना होगा ये काम
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खुशखबरी! किसानों की 'किस्‍मत' बदलने के लिए हरियाणा सरकार ने उठाया बड़ा कदम, बस करना होगा ये काम
इस ऐप को कोई भी किसान गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकता है.

हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने किसानों (Farmers) के लिए एक ऐप लॉन्‍च की है, जिसके जरिए वह किराए पर कृषि यंत्र ले सकते हैं.

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रोहतक. हरियाणा के किसानों (Farmers) के लिए एक अच्छी खबर है और वो यह कि अब राज्‍य के किसान भी किराए पर कृषि यंत्र ले सकते हैं. इसे हरियाणा सरकार (Haryana Government) ने का अच्छा कदम बताया जा रहा है. जी हां, अब किसानों को अपने मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड करनी होगी, जिसके जरिए आसानी से उनको ये सुविधा मिल पाए. गौरतलब हो कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग किसानों को इस बारे में जागरूक कर रहा है. आपको बता दें कि इस मोबाइल ऐप का नाम सीएचसी फार्म मशीनरी ऐप (CHC Farm Machinery App) है. साथ ही इस ऐप को कोई भी किसान गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड कर सकता है.

जानिए कैसे करना होगा आवेदन
किसानों को इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा. ऐप पर सभी यंत्रों की सूची उपलब्ध है. सबसे पहले किसान गूगल प्ले स्टोर में जाकर सीएचसी फार्म मशीनरी एप सर्च कर डाउनलोड करें और उसके बाद पंजीकरण के लिए कुछ मूल जानकारी देनी होगी. साथ ही जैसे ही आपका पंजीकरण हो जाएगा, उसके बाद आपके मोबाइल पर यूजर आईडी और पासवर्ड मैसेज आएगा. इसके बाद जैसे ही किसान लॉगइन करेंगे तो किराए पर यंत्र बुक कर सकते हैं. यानी साफ है कि किसान हरियाणा सरकार की इस स्कीम का लाभ जल्द से जल्द उठा सकते हैं.

मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पर रजिस्ट्रेशन की आज आखिरी तारीख
मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (Meri Fasal Mera Byora) योजना के तहत इसके पोर्टल पर किसानों के रजिस्ट्रेशन करवाने की आज अंतिम तारीख है. अब तक इसके आगे बढ़ने की कोई सूचना नहीं आई है. सरकार ने इसे 25 अगस्त से बढ़ाकर 31 अगस्त तक किया था. इसलिए आज ही इसमें रजिस्ट्रेशन करवा लें वरना आपको खेती से जुड़ी कई सुविधाओं से वंचित रहना पड़ सकता है. कृषि विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि अब तक मेरी फसल-मेरा ब्यौरा पोर्टल पर 4,83,760 किसानों द्वारा 25,65,730.44 एकड़ का रजिस्ट्रेशन करवाया गया है.



कब हुई पोर्टल की शुरुआत?
इसकी शुरुआत 5 जुलाई 2019 को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की थी. इस पोर्टल पर किसान (Farmer) अपनी फसल संबंधी डिटेल अपलोड कर खेती-किसानी से जुड़ी राज्य की सभी सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकते हैं. यह जमीन के रिकॉर्ड के साथ एकीकृत (Integrated) है. इसमें किसान अपनी निजी जमीन पर बोई गई फसल का ब्यौरा देता है. इसी आधार पर उसकी फसल उपज की खरीद तय होती है. संजीव कौशल के मुताबिक कृषि तथा बागवानी विभागों द्वारा लागू की जा रही योजनाओं की सब्सिडी (Subsidy) एवं वित्तीय लाभ लेने के लिए फसल का पंजीकरण करवाना जरूरी है.
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