रोहतक में ओलावृष्टि से किसानों की फसल तबाह, सरकार से मुआवजे की मांग

ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी
ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी

किसानों (Farmers) का कहना है कि कुदरत ने तो उन्हें तबाह कर दिया, अब सिर्फ सरकार (Government) से उम्मीद है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाए.

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रोहतक. बुधवार देर शाम अचानक हुई बेमौसमी बारिश (rain) और भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) ने गेहूं और सरसों की फसल को तबाह कर दिया. रोहतक के आसपास इस ओलावृष्टि से गेहूं की अगेती फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. पीड़ित किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाए, ताकि वो अपनी अगली फसल की तैयारी कर सके.

इस ओलावृष्टि के कारण गेहूं की पकी हुई फसल बर्बाद हो गई. गेहूं की अगेती किस्म तो पूरी तरह से खत्म हो गई, जबकि पछेती किस्म में भी काफी नुकसान है. इसके अलावा सरसों और सब्जियों की फसलों को भी ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है. आमतौर पर ओले का नुक़सान तीसरे दिन नजर आता है, लेकिन गेहूं की टूटी हुई बालियां बिखरी हुई पड़ी हैं.

किसानों ने सरकार से लगाई गुहार



किसानों का कहना है कि कुदरत ने तो उन्हें तबाह कर दिया, अब सिर्फ सरकार से उम्मीद है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर मुआवजा दिलाए. इस मार से किसान उभर नहीं पाएगा, क्यों कि बहुत से किसानों ने 40 हजार प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर जमीन ली है, जिसकी वह भरपाई नहीं कर पाएगा.
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