Positive India: सांस लेने में होने लगी दिक्कत, ICU में करना पड़ा दाखिल, फिर भी 75 साल की उम्र में हिम्मत नहीं हारी

75 साल की उम्र में कोरोना को हराया

75 साल की उम्र में कोरोना को हराया

सुभाष बत्रा ने बताया कि इस दौरान वे टेलीविजन पर भी सिर्फ पॉजिटिव प्रोग्राम देखते रहे. नेगेटिव खबरों से पूरी तरह से दूर रहे.

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रोहतक. हालात चाहे जैसे भी हो लेकिन हौंसला नहीं तोड़ना चाहिए और जंग अगर जिंदगी की हो तो हौंसला ही सबसे बड़ा हथियार होता है. हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री सुभाष बत्रा (Subhash Batra) ने कोरोना (Coronavirus) की जंग जीतकर यह साबित कर दिया कि अगर हौंसले बुलंद हो तो परिस्थितियां अपने आप अनुकूल हो जाती हैं. सुभाष बत्रा की उम्र 75 साल है, वे 5 अप्रैल को कोरोना की चपेट में आ गए थे. हालत इतनी बिगड़ गई थी कि फेफड़ों में संक्रमण बहुत ज्यादा बढ़ गया था, सांस लेने में दिक्कत होने लगी और ऑक्सीजन लेवल भी घटकर 80 पर पहुंच गया.

डॉक्टर्स को उनकी हालत काफी क्रिटिकल नजर आई और उन्हें आईसीयू में दाखिल करना पड़ा. बत्रा को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया, पर इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. इस दौरान जो खास बात रही, वह यह थी कि बत्रा बिल्कुल भी मायूस नहीं हुए. हालत खराब होने के बावजूद उन्होंने हौंसला नहीं तोड़ा, इलाज करने वाले डॉक्टर को भी कहते थे कि मुझे कुछ नहीं होगा.

बीमारी से घबराएं नहींं

वे बीमारी से घबराए नहीं, बल्कि मानसिक तौर पर मजबूत बने रहे. इस दौरान वे टेलीविजन पर भी सिर्फ पॉजिटिव प्रोग्राम देखते रहे. नेगेटिव खबरों से पूरी तरह से दूर रहे और किसी से भी नकारात्मक खबरों के बारे में जिक्र नहीं करते थे. 8 दिन बाद कोरोना पर काबू पाने के बाद बत्रा वापस अस्पताल से वापिस अपने घर आए.
बत्रा ने दिया ये संदेश

बत्रा फिलहाल पूरी तरह से स्वस्थ हैं और लोगों को भी संदेश दे रहे हैं कि इस महामारी से निपटने के लिए पॉजिटिव सोच भी बहुत जरूरी है. घबराएं नहीं, नकारात्मकता से दूर रहें. मेडिसिन के साथ-साथ हिम्मत भी बेहद जरूरी है और इसी से कोरोना हार सकता है.
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