जेल में बंद गुरमीत राम रहीम ने मां को लिखी चिट्ठी, कहा- भगवान ने चाहा तो जल्द आऊंगा बाहर
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जेल में बंद गुरमीत राम रहीम ने मां को लिखी चिट्ठी, कहा- भगवान ने चाहा तो जल्द आऊंगा बाहर
अगर रक्तदान करने की आवश्यकता हो तो उसमें भी अपना सहयोग करें. (सांकेतिक फोटो)

चिट्ठी में यह भी जिक्र किया गया है कि डेरे के अंदर किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है. जसमीत इंसा (Jasmeet Insa) , चरनप्रीत इंसा और हनीप्रीत आदि का जिक्र करते हुए राम रहीम ने लिखा है कि डेरे में सब एकजुट हैं.

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रोहतक. हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद गुरमीत राम रहीम (Gurmeet Ram Rahim) ने एक बार फिर से अपनी मां के नाम चिट्ठी (Letter) लिखी है. राम रहीम ने चिट्ठी में मांं की बीमारी का जिक्र करते हुए लिखा है कि अगर भगवान ने चाहा तो वह जल्द बाहर आकर खुद उनका इलाज कराएगा, तब तक वह दवाएं लेती रहें. राम रहीम की इस चिट्ठी को डेरे की उपाध्‍यक्ष शोभा इंसा ने ट्वीट किया है. इसके बाद राम रहीम की मुंह बोली बेटी हनीप्रीत ने भी इसे रीट्वीट किया.

इसके अलावा चिट्ठी में यह भी जिक्र किया गया है कि डेरे के अंदर किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है. जसमीत इंसा, चरनप्रीत इंसा और हनीप्रीत आदि का जिक्र करते हुए राम रहीम ने लिखा है कि डेरे में सब एकजुट हैं. किसी तरह की कोई गुटबाजी नहीं है. कोरोना महामारी का जिक्र करते हुए राम रहीम ने डेरे की संगत से आह्वान किया है कि वह सरकार के दिशा निर्देशों का पालन करें. अगर रक्तदान करने की आवश्यकता हो तो उसमें भी अपना सहयोग करें.



बीते मई महीने में भी लिखी थी चिट्ठी


बता दें कि इससे पहले बीते मई महीने में डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने माता नसीब कौर के नाम चिट्ठी लिखी थी. तब राम रहीम ने चिट्ठी (Letter) में लिखा था कि भगवान ने चाहा तो जल्‍द बाहर आऊंगा और आपका पूरा इलाज करवाऊंगा. उसने मां और डेरा सच्‍चा सौदा के अनुयायियों से कोरोना के दौरान पूरी एहतियात बरतने को भी कहा था. चिट्ठी की इस कॉपी को डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंहबोली बेटी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर भी शेयर किया था. वहीं, डेरा सच्चा सौदा के फेसबुक पेज पर भी चिट्ठी की फोटो शेयर की गई थी.

साल 2017 से जेल में बंद
गुरमीत राम रहीम ने चिट्ठी में लिखा था कि ट्रस्ट के प्रशासनिक खंड की तरफ से सेवादारों को किसी प्रकार की दिक्कत न होने दी जाए. किसी की निंदा न करें, जिससे किसी को दुख-तकलीफ हो. डेरा ने सेवा करना सिखाया है, इसलिए रक्तदान करने की जरूरत पड़े तो शिविर लगवाएं. बता दें कि गुरमीत राम रहीम अपने अनुयायियों के साथ रेप करने के मामले में सुनारिया जेल में सजा काट रहा है. वह साल 2017 से जेल में बंद है.
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