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रोहतक: डॉक्टर्स ही कोरोना वैक्सीन लगवाने से कर रहे परहेज, 300 में से महज 63 ने लगवाया टीका

हेल्थ केयर वर्कर क्यो नहीं लगवाना चाहते कोरोना वैक्सीन. (प्रतीकात्मक)
हेल्थ केयर वर्कर क्यो नहीं लगवाना चाहते कोरोना वैक्सीन. (प्रतीकात्मक)

वैक्सीनेशन (Vaccination) की संयोजक सीनियर रेजिडेंट डा. शीबा शेट्टी ने कहा कि हेल्थ केयर वर्कर सामने नहीं आ रहें, जिसकी कई वजह हैं. लोगों में यह भी भ्रम है कि इसके कोई साइड इफेक्ट (Side Effect) हैं.

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रोहतक. कोरोना की वैक्सीन (Corona Vaccine) आ गई है और सबसे पहले हेल्थ केयर वर्कर को इसकी डोज दी जा रही है. प्रदेश के सबसे बड़े स्वास्थ्य संस्थान रोहतक पीजीआई (Rohtak PGI) में भी सोमवार से हेल्थ केयर वर्कर को कोरोना की वैक्सीन दी जा रही है. लेकिन हैरानी की बात है कि डॉक्टर्स ही वैक्सीन लगवाने में रुचि नहीं ले रहे. पहले दिन 300 हेल्थ वर्कर का रजिस्ट्रेशन किया गया था, जिसमें से सिर्फ 63 ने वैक्सीन लगवाई. दूसरे दिन तो यह संख्या घटकर महज 10 पर रह गई.

दरअसल रोहतक पीजीआई में सोमवार से शुरू हुई वैक्सीनेशन को लेकर डॉक्टर्स में जागरूकता नजर नहीं आई. पहले दिन सिर्फ 63 लोग सामने आए, जबकि दूसरे दिन दोपहर तक सिर्फ 10 लोगों ने वैक्सीन लगवाई. इस बारे में वैक्सीनेशन की संयोजक सीनियर रेजिडेंट डा. शीबा शेट्टी ने कहा कि हेल्थ केयर वर्कर सामने नहीं आ रहें, जिसकी कई वजह हैं. लोगों में यह भी भ्रम है कि इसके कोई साइड इफेक्ट हैं. मैंने खुद वैक्सीन लगवाई और 24 घंटे से ज्यादा का वक्त हो गया है लेकिन अभी तक मुझे किसी तरह की कोई दिक्कत सामने नहीं आई.

हेल्थ केयर वर्कर को सामने आना चाहिए, क्योंकि एक वाइल से 10-12 डोज दी जाती हैं, अगर उसका पूरा प्रयोग नहीं होता तो हमें चार घंटे बाद उसे नष्ट करना होता है. इससे वैक्सीन खराब होने की संभावना बढ़ रही है, इसलिए हेल्थ केयर वर्कर को आगे आना चाहिए. स्टॉफ नर्स नीलम सुहाग ने बताया कि अगर कोई भी वैक्सीन लगवाने के लिए आता है तो सबसे पहले उसके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाती है और वैक्सीन के बारे में बताया जाता है. अगर स्वस्थ हैं तो उन्हें वैक्सीन देकर आधे घंटे तक निगरानी में रखा जाता है.




वहीं, इस बारे में वैक्सीन लगवाने वाले डॉक्टर करण सिवाच और मयंक दत्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि किसी तरह का कोई साइड इफेक्ट नहीं है और ना ही उन्हें कोई दिक्कत आई. कुछ लोगों में इसको लेकर भ्रम है जो कि बिल्कुल निराधार है. रोहतक पीजीआई में सोमवार से स्वास्थ्य कर्मियों के लिए वैक्सीनेशन शुरू हुआ, लेकिन पहले दिन 300 रजिस्ट्रेशन में से सिर्फ 63 लोगों ने वैक्सीन लगवाई. आज 450 लोगों को रजिस्टर्ड किया गया, जिसमें से दोपहर तक सिर्फ 10 लोग ही वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे. रोहतक पीजीआई में काम करने वाले हेल्थ केयर वर्कर्स का वैक्सीनेशन में आगे न आना एक गलत संदेश दे रहा है, जिससे लोगों में इस वैक्सीन को लेकर भ्रांतियां फैलेंगी, जोकि सही नहीं है.
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