हरियाणा में शादियों में अब मिट्टी के बर्तनों में परोसी जाएगी कुल्फी और चाय

हरियाणा में शादियों में अब मिट्टी के बर्तनों में कुल्फी और चाय परोसी जाएगी. ऐसा इस वजह से कि सरकार प्लास्टिक के बर्तनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने जा रही है.

News18 Haryana
Updated: July 25, 2019, 4:16 PM IST
हरियाणा में शादियों में अब मिट्टी के बर्तनों में परोसी जाएगी कुल्फी और चाय
प्रतीकात्मक तस्वीर
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Updated: July 25, 2019, 4:16 PM IST
हरियाणा में प्लास्टिक से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार अहम कदम उठाने जा रही है. रोहतक में प्लास्टिक के बर्तनों पर रोक लगाने से मिट्टी के कारीगर खुश है तो थर्मोकॉल का काम करने वालों का धंधा चौपट हो गया है. अब मिट्टी के बर्तनों में कुल्फी और चाय मिलेगी. शादियों में प्रशासन ने प्लास्टिक से बने बर्तनों पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी शुरू कर दी है.

प्रतीकात्मक तस्वीर


मिट्टी से बने बर्तन बनाने वाले कामगारों के दिन फिरने वाले हैं क्योंकि सरकार प्लास्टिक थर्मोकोल से बने बर्तनों पर पूरी तरह से रोक लगाने की तैयारी कर रही है. सरकार शादियों में मिट्टी से बने बर्तनों के चलन पर जोर दे रही है इसके पीछे सरकार का मकसद है कि एक तो प्लास्टिक प्रदूषण से मुक्ति मिले और दूसरा मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कामगारों का रोजगार बढ़े. प्रशासन मिट्टी के काम करने वाले कामगारों की सहायता भी करेगा ताकि उन्हें प्रेरित किया जा सके.

मिट्टी के बर्तन बनाने वाले हैं खुश

सरकार के इस फैसले से मिट्टी के बर्तन बनाने वाले कारीगर बेहद खुश हैं. उनका कहना है कि भूखे मरने के कगार पर और अगर सरकार इस तरह के आदेश जारी करती है तो उनका काम भी सुचारू रूप से चलेगा. थर्मोकोल से बने बर्तनों का काम करने वाले दुकानदार का कहना पीछे से माल नहीं मिल रहा है. उनका धंधा ही चौपट हो गया पिछले 10 साल से काम कर रहे हैं लेकिन अब सख्ती हो गई है इसलिए वे भी कोई अपना अलग धंधा देख रहे हैं. रोहतक के उपयुक्त ने बताया कि एनजीटी के आदेशानुसार प्लास्टिक पर पूरी तरह से प्रतिबन्ध लगाया जा रहा है. विवाह शादियों में मिट्टी से बने बर्तनों का चलन चलाया जा रहा है. इसके लिए बाकायदा इंडस्ट्री और माटीकला बोर्ड को पत्र भी लिखा गया है.
First published: July 25, 2019, 4:16 PM IST
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