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तनिष्का के शरीर में अब भी फंसी हैं 5 गोलियां, पर हौसला नहीं टूटा, बनना चाहती हैं पुलिस अफसर

तनिष्का के शरीर में अब भी फंसी हैं 5 गोलियां, पर हौसला नहीं टूटा, बनना चाहती हैं पुलिस अफसर

तनिष्का पुलिस ऑफिसर बनना चाहती हैं.

तनिष्का पुलिस ऑफिसर बनना चाहती हैं.

Rohtak Dulhan Golikand: जिस्म में 5 गोलियां फंसी हैं, लेकिन जिंदगी की जंग को बहादुरी से लड़ रही तनिष्का अब धीरे-धीरे ठीक हो रही है और अपना हौंसला नहीं टूटने दे रही. वह कहती हैं कि मैं जीना चाहती हूं और पुलिस ऑफिसर बनकर लड़कियों को सुरक्षित माहौल देना चाहती हूं, ताकि कोई ओर सिरफिरा किसी ओर तनिष्का को जिंदगी भर का दर्द ना दे सके.

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रोहतक. एक दिसम्बर को शादी के बाद ससुराल जा रही दुल्हन तनिष्का (Tanishka) पर एक सिरफिरे आशिक ने अपने साथियों के साथ मिलकर फिल्मी स्टाइल में जो गोलीबारी की थी. उसमें तनिष्का बच तो गई, लेकिन उसके शरीर में अभी भी पांच गोलियां (Bullets in Body) फंसी हुई हैं. जिंदगी की जंग को बहादुरी से लड़ रही तनिष्का अब धीरे-धीरे ठीक हो रही है और अपना हौंसला नहीं टूटने दे रही. वह कहती हैं कि मैं जीना चाहती हूं और पुलिस ऑफिसर बनकर लड़कियों को सुरक्षित माहौल देना चाहती हूं, ताकि कोई ओर सिरफिरा किसी ओर तनिष्का को जिंदगी भर का दर्द ना दे सके.

न्यूज़ 18 से बात करते हुए तनिष्का ने बताया कि एक दिसंबर को जब शादी के बाद वह अपनी ससुराल जा रही थी तो साहिल और उसके दोस्तों ने उनकी गाड़ी को ओवरटेक किया. बाद में हवाई फायर करते हुए गाड़ी से सभी लोगों को नीचे उतार दिया और मुझे अपने साथ ले जाने की जिद्द करने लगा. मैंने कोई जवाब नहीं दिया और कसकर सीट को पकड़ लिया. इसके बाद उसने मेरे ऊपर लगातार फायर किए और बाद में उसकी पिस्तौल अटक गई.

मरा समझकर भाग गए बदमाश

इसके बाद उसका दूसरा साथी आया और उसने भी लगातार ताबड़तोड़ फायर किए. मुझे 6 गोलियां लगी, लेकिन थोड़ा-थोड़ा होश भी था. इसके बाद उन्होंने मेरी नब्ज पकड़ कर भी देखा कि जिंदा तो नहीं है. वे मुझे मरा समझकर भाग गए. इसके बाद मुझे रोहतक पीजीआई ले जाया गया. जहां से 2 दिन बाद मेदांता शिफ्ट कर दिया गया.

5 गोलियां अभी भी शरीर में फंसी हैं

फिलहाल मेरे हाथ में जो गोली लगी थी, सिर्फ उसी को निकाला गया है. बाकी पांच गोलियां मेरे शरीर के अंदर अब भी मौजूद हैं. डॉक्टर्स का कहना है कि इन्हें निकालना खतरनाक हो सकता है. मेरा स्वास्थ्य ठीक होने के बाद ये तय किया जाएगा कि इनको निकाला जाए या नहीं.

पुलिस अफसर बनने का ख्वाब

फिलहाल दवाइयां चल रही हैं और दिन में कई बार दवाई लेनी पड़ती हैं. तनिष्का कहना है कि अब वह पुलिस ऑफिसर बनना चाहती हैं, ताकि ऐसे अपराधियों पर नकेल कसी जा सके. फिलहाल अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा रही हैं, ताकि अपने लक्ष्य को हासिल कर सकें. उसने कहा कि पुलिस वैसे तो ठीक काम कर रही है, लेकिन बदमाशों पर कोई लगाम नहीं है. पुलिस को महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संजीदा होने की जरूरत है.

Tags: Crime News, Haryana news, Marriage

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