रोहतक पीजीआईएम का ब्लड बैंक बचाता है हर साल हजारों लोगों का जीवन
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रोहतक पीजीआईएम का ब्लड बैंक बचाता है हर साल हजारों लोगों का जीवन
रोहतक पीजीआई मेडिकल स्थित ब्लड बैंक में रक्तदान करता एक युवक

रक्तदाताओं का कहना है कि तमाम इंसानों का खून एक है. कोई जाति हो, कोई धर्म हो, खून का रंग सिर्फ लाल है. उसके ग्रुप हो सकते हैं लेकिन आप ये नहीं बता सकते कि ये किसका रक्त है.

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हरियाणा के रोहतक पीजीआईएम स्थित ब्लड बैंक उत्तरी भारत का सबसे बड़ा रक्त संग्रहण केन्द्र है. हर साल यहां 40 से 42 हजार यूनिट ब्लड एकत्रित की जाती हैं ताकि गंभीर मरीजों के इलाज में इसका प्रयोग कर उसकी जान बचाई जा सके. इन यूनिट्स से तकरीबन 70 हजार कंपोनेंट्स तैयार किए जाते हैं, जोकि हजारों मरीजों की हर साल जान बचाते हैं. आपने कभी सोचा है कि आपकी या आपके परिवार के किसी सदस्य की जान बचाने के लिए डाक्टर्स जो खून चढ़ाते हैं, वह किस धर्म या जाति के व्यक्ति का है, जिससे आपकी जिंदगी बचती है. शायद ही ऐसा कोई सोचता हो क्योंकि रक्तदान जीवनदान होता है.

रक्तदाताओं का कहना है कि तमाम इंसानों का खून एक है. कोई जाति हो, कोई धर्म हो, खून का रंग सिर्फ लाल है. उसके ग्रुप हो सकते हैं लेकिन आप ये नहीं बता सकते कि ये किसका रक्त है. जब चुनाव प्रचार होता है तो कुछ स्वार्थी किस्म के लोग समाज को बांटने में जुट जाते हैं कि ये फलां जाति से संबंध रखता है. ये फलां धर्म या मजहब से ताल्लुक रखता है.

न्यूज़18 ने जानने की कोशिश की कि क्या कोई रक्तदान करते वक्त ये सोचता है कि मेरा खून किस जाति या धर्म के व्यक्ति की जान बचाएगा. क्या रक्त लेने वाले यह देखते हैं कि जो रक्त उनको या उनके रिश्तेदार की जान बचा रहा है, वह किस जाति का है. सबका यही जवाब था कि इंसानियत ही एकमात्र जाति है.




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